Wednesday, 12 December 2018, 4:41 AM

ज्योतिष एवं वास्तु

पितृदोष होने पर भाग्यशाली होते हुए भी भाग्यहीन रहना पड़ता है, ये हैं संकेत

Updated on 10 September, 2017, 4:45
श्राद्ध का अर्थ है, पितृों के लिए उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक किया गया दान। श्राद्धकर्म में होम, पिंडदान एवं तर्पण आदि सम्मिलित हैं। मृतात्मा की शांति के लिए जिन संस्कारों का विधान है, उन्हें श्राद्धकर्म कहा जाता है। मृत्यु के बाद दशरात्र और षोडशी-संपिंडन तक मृत व्यक्ति... आगे पढ़े

पितृ पक्ष में आर्थिक कष्ट से ऐसे मिल सकती है मुक्ति

Updated on 9 September, 2017, 14:00
सद्गुरु स्वामी आनंदजी (आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिषीय चिंतक) टिप्स ऑफ द विक 1. बिल्व पत्रों की काले तिल मिले त्रिमधु (गो घृत, दुग्ध और मधु) से आहुति विचारों और कर्म में परिवर्तन के द्वारा आर्थिक कष्ट को नष्ट करने में सहायक होते हैं, ऐसा तंत्र और अग्निहोत्र के नियम कहते हैं। 2. किसी भी... आगे पढ़े

पितरों के आशीष पाने का अवसर श्राद्ध पक्ष

Updated on 9 September, 2017, 11:30
'श्रद्धया यत् कृतं तत् श्राद्धम। इसका मतलब है कि 'हमारे दिवंगत स्वजनों की तृप्ति और संतुष्टि के लिए श्राद्ध से किया कर्म ही श्राद्ध है।' पुराण आदि धर्मग्रंथों में बतलाया है कि मृत व्यक्ति की आत्मा अनंत काल तक प्रेतलोक में भटकती रहती है, किंतु जब उस मृत व्यक्ति के पुत्र-पौत्र उसका... आगे पढ़े

धर्मशास्त्रों से जानें श्राद्धों में क्यों नहीं किए जाते शुभ काम

Updated on 9 September, 2017, 11:00
हमारी संस्कृति में श्राद्ध का संबंध हमारे पूर्वजों की मृत्यु की तिथि से है। अतः श्राद्धपक्ष शुभ तथा नए कार्यों के प्रारंभ हेतु अशुभ काल माना गया है। जिस प्रकार हम अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद शोकाकुल अवधि में रहते हैं तथा शुभ, नियमित, मंगल, व्यावसायिक कार्यों को... आगे पढ़े

श्राद्ध पिंडदान का सर्वोत्तम स्थान है ये, पुत्र को आया देखकर पितर मनाते हैं उत्सव

Updated on 9 September, 2017, 0:45
‘गया’ ऐसा स्थान है जहां श्राद्ध का महाकुंभ नजर आता है। प्रत्येक वर्ष लाखों की तादाद में लोग यहां अपने मृत पूर्वजों का श्राद्ध-तर्पण आदि करने के लिए उपस्थित होते हैं। पुरातन प्रज्ञा का प्रदेश बिहार की राजधानी पटना से करीब 92 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम अंत: सलिला फल्गु के पावन... आगे पढ़े

शनिवार: इस दिन को गवाए बिना करें ये चीजे, शनिदेव की कृपा बनाएगी राजा

Updated on 9 September, 2017, 0:30
नवग्रहों में शनि अत्यंत सुंदर एवं महत्वपूर्ण ग्रह है। यह मंद गति से 30 वर्ष में सूर्य का एक चक्कर पूरा करता है। शनि सूर्य से 88 करोड़ 60 लाख मील तथा पृथ्वी से 79 करोड़ 10 लाख मील दूर स्थित है। लोग इसे अनिष्टकारी ग्रह कहते हैं लेकिन यह अच्छे... आगे पढ़े

आज का गुडलक: बुद्धि और समृद्धि पाने का बना है शुभ संयोग

Updated on 8 September, 2017, 10:05
शुक्रवार दि॰ 08.09.17 आश्विन कृष्ण तृतीया पर तीज का श्राद्ध मनाया जाएगा। शास्त्र याज्ञ-वल्क्य-स्मृति के अनुसार मूलतः श्राद्ध होम, पिण्डदान व तर्पण से अधिक तार्किक है वास्तविकता में पितृगण साक्षात् वसु, रुद्र व आदित्य रूप में श्राद्ध के देवता हैं। मूलतः मनुष्य के तीन पूर्वज हैं पिता, पितामह व प्रपितामह;... आगे पढ़े

श्राद्ध पक्ष में करें ये प्रयोग, घर में हो रहे लड़ाई-झगड़े का होगा नाश

Updated on 8 September, 2017, 0:45
यदि आप गृह क्लेश से परेशान हैं, आए दिन घर में किसी न किसी बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा हो जाता है, सदैव अशांति का माहौल बना रहता है तो आपको इस श्राद्ध पक्ष में अवश्य ही इस प्रयोग को सम्पन्न करना चाहिए। सामग्री : जलपात्र, घी का दीपक, लघु नारियल, अगरबत्ती... आगे पढ़े

घर के इस भाग में रहेगा उजाला, बने रहेंगे धनवान और सुखी

Updated on 8 September, 2017, 0:30
वास्तु एक ऐसा शास्त्र है, जिसका प्रभाव ग्रहों की ही भांति व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव लेकर आता है। घर के किसी भी कोने में वास्तुदोष होने पर पूरे परिवार को शुभ और अशुभ परिणाम भुगतने पड़ते हैं। घर में दिशाओं का खास ख्याल रखें। शयनकक्ष में जहां तक संभव... आगे पढ़े

गुरुवार का गुडलक लगाएगा व्यापारिक घाटे पर अंकुश

Updated on 7 September, 2017, 14:45
गुरुवार दि॰ 7.09.17 को आश्विन कृष्ण द्वितीया को दूज पर द्वितया श्राद्ध मनाया जाएगा। द्वितया तिथि का विधिवत श्राद्ध करने से जाने-अनजाने में किए हुए पापों से मुक्ति मिलती है, व्यक्ति के अशांत मन को शांति मिलती है तथा व्यापार में निरंतर चल रहे घाटे पर अंकुश लगता है। श्राद्ध विधि:... आगे पढ़े

कालसर्प योग का सच, जानें क्यों डरते हैं लोग इस योग से

Updated on 7 September, 2017, 1:00
सचिन मल्होत्रा/ज्योतिषाचार्य जन्म कुंडली में राहु-केतु के मध्य में सभी ग्रहों के आ जाने को कुछ ज्योतिषी काल-सर्प योग की संज्ञा देते हैं, किन्तु वास्तविकता यह है कि कालसर्प योग का ज्योतिष के किसी प्रामाणिक शास्त्रीय ग्रन्थ में वर्णन है ही नहीं! बृहत् पराशर होरा-शास्त्र , बृहत् जातक , सारावली... आगे पढ़े

इस ऋण से मुक्ति के लिए हिंदू धर्म में निभाई जाती है श्राद्ध परंपरा

Updated on 7 September, 2017, 0:30
श्राद्ध पितृत्व के प्रति सच्ची श्रद्धा का प्रतीक हैं। सनातन धर्मानुसार प्रत्येक शुभ कार्य के आरंभ करने से पहले मां-बाप तथा पितृगण को प्रणाम करना हमारा धर्म है। क्योंकि हमारे पुरखों की वंश परंपरा के कारण ही हम आज जीवित हैं। सनातन धर्म के मतानुसार हमारे ऋषि-मुनियों ने हिंदू वर्ष... आगे पढ़े

आपके बच्चे के साथ भी है ऐसी समस्या, Wednesday को उसे पहनाएं ये चीज

Updated on 6 September, 2017, 0:45
क्या आपका बच्चा पढ़कर भूल जाता है? अधिक परिश्रम करने के बाद भी रिजल्ट ठीक नहीं आता या बच्चा पढऩे में होशियार तो है लेकिन उसका ध्यान पढ़ाई में नहीं लगता? यदि आपके बच्चे के साथ भी ऐसी कोई समस्या है तो घबराने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि गणेश... आगे पढ़े

बुध ग्रह की शुभता देती है अच्छी कमाई और उन्नति, जानें आप पर है कैसा प्रभाव

Updated on 6 September, 2017, 0:30
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बुध का काफी महत्व है। बुध, बुद्धि का कारक है। सामाजिक जीवन में, पारिवारिक जीवन में, आध्यात्मिक जीवन में या किसी अन्य क्षेत्र में अच्छे बुध वाला व्यक्ति उत्तम निर्णय लेकर सदैव उचित कार्य करता है। जिस व्यक्ति का बुध अच्छा होता है, वह अपने... आगे पढ़े

पितरों को नमन पर्व है : श्राद्ध

Updated on 5 September, 2017, 12:35
तीज त्यौहारों एवं उत्सवों से परिपूर्ण भारतीय संस्कृति में हर रिश्ते का महत्वहै लेकिन पितरों का स्थान सवोपर्री एवं देवतुल्य है।  और शायद यही कारण है कि इस नश्वर संसार में ईश्वर ने हम मनुष्यों को अपने पितरों के प्रति श्रद्धा दर्शाने और पितरों के प्रति हमारे कर्तव्य को पूरा... आगे पढ़े

विधिपूर्वक श्राद्ध न करने से पितृ श्राप भी देते हैं, रहें सावधान!

Updated on 5 September, 2017, 0:30
मान्यतानुसार पितृपक्ष के 16 दिनों में पूर्वज अपने वंशजों से ये आशा रखते हैं की उनके वंशज उन्हें पिण्ड दान व तिलांजलि प्रदान कर संतुष्ट करेंगे। इसी आशा के साथ पूर्वजों का पितृलोक से पृथ्वीलोक पर आगमन होता है। पितृ ऋण श्राद्धकर्म के द्वारा चुकाया जा सकता है। साल के... आगे पढ़े

पितृ पक्ष: जानें, कब किस दिन आएगा कौन सा श्राद्ध

Updated on 5 September, 2017, 0:20
अपने पूर्वजों के प्रति स्नेह, आदर व श्रद्धा भाव से किया जाने वाला कर्म श्राद्धकर्म कहलाता है। शास्त्रों ने "श्राद्ध" को पितृयज्ञ भी कहा है। ऋषि पुलस्त्य के मतानुसार जिस विशिष्ट कर्म में दूध, गौघृत व शहद सहित सात्विक पकवान श्रद्धापूर्वक पितृ के निमित कौए, गाय व ब्राह्मण को दिए... आगे पढ़े

आज रात से शुभ कामों पर विराम, अपना भला चाहते हैं तो रहें सावधान!

Updated on 4 September, 2017, 15:01
ज्योतिषशास्त्री कहते हैं की सभी नक्षत्रों का अपना-अपना प्रभाव होता है। कुछ शुभ फल देते हैं तो कुछ अशुभ लेकिन कुछ ऐसे काम होते हैं जो कुछ नक्षत्रों में नहीं करने चाहिए। धनिष्ठा, शतभिषा, पूर्वा भाद्रपद, उत्तरा भाद्रपद और रेवती ऐसे ही नक्षत्रों का एक समुदाय है। धनिष्ठा के शुरू... आगे पढ़े

आखिर सोमवार को ही क्‍यों माना जाता है शिव का दिन

Updated on 4 September, 2017, 7:01
वैसे तो ऐसा कोई दिन नहीं जिस दिन आप भोलेनाथ को याद न कर सकें लेकिन सोमवार को भगवान शिव की पूजा करने की परंपरा काफी पुराने समय से चली आ रही है। ऐसा भी कहा जाता है कि अगल-अगल दिन शिव की उपासना करने से आपको अलग-अलग फल प्राप्‍त... आगे पढ़े

मंदिर न लेकर जाएं ये सामान, पुण्यों का हो जाएगा नाश

Updated on 4 September, 2017, 0:15
प्रतिदिन मंदिर जाने से व्यक्ति को जहां हर परेशानी ये मुक्ति मिलती है वहीं मन को भी शांति मिलती है। मंदिर जाते हुए लोग फूल, धूप-दीप, फल आदि चीजें लेकर जाते हैं। जब भी किसी धार्मिक स्थान पर जाते हैं तो अपने जूते, बैल्ट, पर्स जैसी चीजें बाहर ही छोड़कर... आगे पढ़े

त्यौहार: 3 सितंबर से 9 सितंबर, 2017 तक

Updated on 4 September, 2017, 0:10
प्रस्तुत सप्ताह का प्रारंभ विक्रमी भाद्रपद प्रविष्टे 19, भाद्रपद शुक्ल तिथि द्वादशी, रविवार, विक्रमी सम्वत् 2074, राष्ट्रीय शक सम्वत् 1939, दिनांक 12 (भाद्रपद) को होकर समाप्ति विक्रमी भाद्रपद प्रविष्टे 25, आश्विन कृष्ण तिथि तृतीया, शनिवार को होगी। पर्व, दिवस तथा त्यौहार: 3 सितम्बर प्रदोष व्रत, श्रवण द्वादशी, वामन द्वादशी, श्री वामन... आगे पढ़े

इस त्योहार पर यहां अपनी प्रजा से मिलने पाताल लोक से आते हैं राजा महाबली

Updated on 3 September, 2017, 14:42
ओणम खुशी, उत्साह और आनंद का त्योहार है। राजा महाबली के सम्मान में इस त्योहार को मनाया जाता है। इस त्योहार को फसल की उपज के लिए भी जाना जाता है। यह त्योहार नई उमंग, नई आशा लेकर आता है। राजा महाबली केरल के राजा थे। उनके राज्य में प्रजा बहुत... आगे पढ़े

मनौती का नारियल निकले खराब, तो समझ लेना बन जाएगा काम

Updated on 3 September, 2017, 9:19
किसी भी व्रत-त्योहार या मंदिर में लोग अक्सर प्रसाद के साथ ही नारियल चढ़ाते हैं। साथ ही वह डर जाता है कि उसकी मांगी गई मुराद पूरी नहीं होगी। मगर, शास्त्रों में माना जाता है कि नारियल का अंदर से खराब निकलना शुभ है। मगर, कभी-कभी नारियल का गोला अंदर से... आगे पढ़े

इस प्रदेश के भांजे थे भगवान राम, इसलिए यहां होती है भांजों की पूजा

Updated on 3 September, 2017, 9:12
हम अक्सर देखते हैं कि भांजों को हमेशा मामा के पैर छूने से मना किया जाता है। ऐतिहासिक मान्यताओं के मुताबिक यह परंपरा छत्तीसगढ़ में सबसे पहले शुरू की गई थी। इसका मुख्य कारण यह है कि भगवान राम रिश्ते में छत्तीसगढ़ के भांजे लगते हैं। इतिहासकारों के मुताबिक पहले छत्तीसगढ़... आगे पढ़े

घर के नजदीक हो ये पेड़-पौधे तो अवश्य करें पूजा, होते हैं ढेरों लाभ

Updated on 3 September, 2017, 2:17
प्राचीनकाल से सनातन संस्कृति में पेड़-पौधों का पूजन होता आया है। ज्योतिष और वास्तु विद्वान भी मानते हैं की इनके पूजन करने से जीवन में आ रही बहुत सारी बाधाओं से मुक्ति पाई जा सकती है। कुछ ऐसे पेड़-पौधे होते हैं, जिन्हें घर में अवश्य रोपित करना चाहिए। यदि आपके... आगे पढ़े

एकादशी-महाद्वादशी के दिन करें ये काम, भक्त की पुकार पर दौड़े आएंगे भगवान

Updated on 2 September, 2017, 6:40
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी पाश्र्व, परिवर्तिनी अथवा वामन एकादशी के नाम से प्रसिद्घ है। इस दिन भगवान विष्णु क्षीरसागर में चार मास के श्रवण के पश्चात करवट बदलते हैं क्योंकि निद्रामगन भगवान के करवट परिवर्तन के कारण ही अनेक शास्त्रों में इस एकादशी को परिवर्तिनी एवं पाश्र्व... आगे पढ़े

राशिफल: शनि की सीधी चाल, कौन सी राशि होगी बेहाल

Updated on 2 September, 2017, 6:31
दैनिक शुभाशुभ 02.09.17 शनिवार, चंद्र धनु राशि व पू.षा नक्षत्र, भाग्यांक 3, शुभरंग पीला, शुभदिशा पूर्वोत्तर, राहुकाल दिन 1:30 से शाम 3 तक।   उपाय: सभी 12 राशियों के व्यक्ति आर्थिक सुधार हेतु काली गाय को गुड़ चना खिलाएं।   मेष: लेन-देन हेतु समय अच्छा है। मीठा बोलकर काम निकालने में ही फायदा है। सरलतापूर्वक कार्य करें कार्यसिद्धि... आगे पढ़े

ईश्वर के बाद कौन सी शक्ति है सबसे बड़ी

Updated on 1 September, 2017, 0:15
हिन्दू धर्म के अनुसार ईश्वर एक शुद्ध प्रकाश है। उसकी उपस्थिति से ही ब्रह्मांड निर्मित होते हैं और भस्म भी हो जाते हैं। ईश्वर को सर्वशक्तिमान घोषित करने के बाद हिन्दुत्व कहता है कि ब्रह्मांड में तीन तरह की शक्तियां सक्रिय हैं-दैवीय, दानवी और मिश्रित शक्तियां। मिश्रित शक्तियों में गंधर्व,... आगे पढ़े

आज का गुडलक- गृहक्लेश-रोगों से सदा के लिए छुट्टी पाने का है शुभ योग

Updated on 31 August, 2017, 8:56
गुरुवार दी॰ 31.08.17 भाद्रपद शुक्ल दशमी को गौरी विसर्जन पर्व मनाया जाएगा। परंपरा के अनुसार गणेश चतुर्थी के चौथे दिन अर्थात अष्टमी पर गौरी आवाहन किया जाता है, नवमी पर गौरी पूजन का विधान है व दशमी पर गौरी विसर्जन किया जाता है। गौरी विसर्जन पर्व गौरी और गणेश के... आगे पढ़े

यहां पैरालायसिस का होता है इलाज, डॉक्टर और साइंस भी हैं हैरान

Updated on 31 August, 2017, 0:15
देश में ऐसे बहुत सारे मंदिर हैं, जहां बहुत सारी बीमारियों का इलाज किया जाता है। राजस्थान के नागौर से चालीस किलोमीटर दूर अजमेर-नागौर रोड पर कुचेरा कस्बे के पास बुटाटी धाम है, जिसे चतुरदास जी महाराज के मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां हर साल हजारों लोग... आगे पढ़े

Visitor Counter