Saturday, 18 August 2018, 6:32 AM

धर्म कर्म

केदरनाथ आपदा के 5 सालः अब तक पता नहीं इन दिव्य कुंडों का

Updated on 17 June, 2018, 7:00
16 जून 2013 की शाम केदारनाथ में ऐसा सैलाब आया जो अपने साथ सब कुछ बहा ले जाने को बेताब दिख रहा था। जिसने भी उस मंजर को देखा और जीवित बच गया उसकी आंखों में खौफ का वह मंजर जिंदा रहने तक तैरता रहेगा। इस तबाही ने ना सिर्फ... आगे पढ़े

ज्येष्ठ में नौ बड़े मंगल का अद्भुत संयोग, अब 19 और 26 जून को होगी विशेष पूजा

Updated on 16 June, 2018, 12:00
ज्येष्ठ मास में पड़ रहे बड़े मंगल की अपनी विशेष महत्ता है। बड़ा मंगल पर्व इस बार इसलिए खास है, क्योंकि नौ बड़े मंगल पड़ रहे हैं। इसे अद्भुत संयोग माना जा रहा है। ज्योतिषचार्य के अनुसार, यह संयोग दो ज्येष्ठ लेकर आया है। एक, आठ, 15, 22, 29 मई तथा... आगे पढ़े

क्या आप जानते हैं इस धनवान चोर को

Updated on 16 June, 2018, 11:00
हर इंसान की यही कामना होती है कि वह अपार धन का मालिक हो। अपनी इस कामना को पूरा करने के लिए हर वो काम करता है जिससे उसके अमीर होने का यह सपना पूरा हो सके। लेकिन बहुत कम लोगों का यह सपना पूरा हो पाता है, क्योंकि वह... आगे पढ़े

हो गया चांद का दीदार, देशभर में कल मनाई जाएगी ईद

Updated on 15 June, 2018, 21:46
भारत में ईद का पवित्र त्योहार शनिवार को मनाया जाएगा. जामा मस्जिद के शाही इमाम, इमाम बुखारी ने शुक्रवार शाम को इसकी घोषणा की. उन्होंने कहा कि रमजान के अंत में मनाया जाने वाला पवित्र त्योहार ईद-उल-फितर भारत में शनिवार को मनाया जाएगा. बुखारी ने कहा कि नया चांद शुक्रवार शाम... आगे पढ़े

क्या आपको पता है इन्हें भी कहा जाता है शिव की अर्धांगिनी

Updated on 15 June, 2018, 7:00
षोडशी माहेश्वरी शक्ति की सबसे मनोहर श्री विग्रह वाली सिद्ध देवी हैं। महाविद्याओं में इनका चौथा स्थान है। सोलह अक्षरों के मंत्र वाली इन देवी की अंगकान्ति उदीयमान सूर्यमंडल की आभा की भांति है। इनकी चार भुजाएं हैं। ये शांत मुद्रा में लेटे हुए सदाशिव पर स्थित कमल के आसन... आगे पढ़े

देवी पार्वती की ये बात सुनकर, क्यों श्रीहरि ने मिटाना चाहा अपना अस्तित्व

Updated on 14 June, 2018, 9:00
एक बार की बात है कैलाश पर बैठे भगवान शंकर ने देवी पार्वती से कहा- "मुझे श्रीहरि सबसे अधिक प्रिय हैं, उनसे अधिक प्रिय मुझे अपना शरीर भी नहीं।" पार्वती जी को विश्वास था, स्वामी सर्वाधिक मुझे ही प्रेम करते हैं। महेश्वर के यह वचन सुनकर माता पार्वती रूष्ट हो गई... आगे पढ़े

एक सामान्य सी लड़की ने जो कर दिखाया बड़े-बड़े अमीर भी ना कर सके

Updated on 13 June, 2018, 9:00
एक बार श्रावस्ती नगरी में भयंकर दुर्भिक्ष पड़ा। अपनी समृद्धि के लिये प्रख्यात आध्यात्मिक प्रेरणा का यह केन्द्र उजाड़ जैसा लग रहा था। पहले अनावृष्टि फिर अतिवृष्टि की दोहरी मार से सर्वत्र हाहाकार मच गया। सूखे ने क्षेत्र की अधिकांश फसल नष्ट कर दी थी। जो बची थी उसे बाढ़... आगे पढ़े

ऐसे एक पुरुष से पैदा हुए थे रामायण के दो महायोद्धा

Updated on 13 June, 2018, 7:00
लिंग परिवर्तन करके किसी पुरुष को मां बनने योग्य बना पाना आज के जमाने में भी चिकित्सा विज्ञान के लिए आसान नहीं है। लेकिन पुराणों में कई ऐसी अजब-गजब कथाएं हैं जिनमें पुरुष ने स्त्री बनकर बच्चे को जन्म दिया। इस अंक में आपको ऐसी ही एक कथा के बारे... आगे पढ़े

खत्म होने वाला है पुरुषोत्तम मास, फिर 16 शुभ मुहूर्तों में बजेगी शहनाई

Updated on 12 June, 2018, 20:00
रायपुर। वर्षों बाद पड़े दो ज्येष्ठ माह में इन दिनों बीच के एक माह को पुरुषोत्तम मास के रूप में मनाया जा रहा है। चूंकि पुरुषोत्तम मास को पुण्य फलदायी मास कहा जाता है इसलिए श्रद्धालु भक्तिभाव में डूबे हैं। एक ओर श्रीमद्भागवत कथा के आयोजनों में भगवान के विविध... आगे पढ़े

यात्रा के साथ तीर्थः वैष्णोदेवी जाएं तो इन स्थानों को देखना ना भूलें

Updated on 12 June, 2018, 9:00
कश्मीर जिसे भारत का स्वर्ग कहा जाता है। यहां आपमें से बहुत से लोग आ चुके होंगे और जम्मू कश्मीर के प्रसिद्ध तीर्थ वैष्णो देवी एवं अमरनाथ की यात्रा भी कर चुके होंगे। इस साल भी अमरनाथ यात्रा 28 जून से शुरू हो रही है। अगर आप किसी कारण से... आगे पढ़े

केदारनाथ से अधिक बदरीनाथ पहुंचे श्रद्धालु, संचार व्यवस्था बनी समस्या

Updated on 12 June, 2018, 7:00
गोपेश्वर(चमोली)। बदरीनाथ धाम की यात्रा जोरों पर है। शुरुआती दौर में यात्रियों की आमद के मामले में केदारनाथ से पिछड़ने के बाद अब बदरीनाथ धाम में यात्रियों का सैलाब उमड़ रहा है। स्थिति यह है कि यात्रियों की बढ़ती संख्या के सामने धाम में उपलब्ध संसाधन भी कम पड़ते नजर... आगे पढ़े

शिव का स्वरूप है रुद्राक्ष, जानें कैसे करें असली-नकली की पहचान

Updated on 11 June, 2018, 10:30
 रुद्राक्ष की महिमा का वर्णन शिवपुराण, रुद्रपुराण, लिंगपुराण, श्रीमद्भागवत गीता में मिलता है। रुद्राक्ष को भगवान शिव का पूर्ण प्रतिनिधित्व प्राप्त है। चंद्रमा शिवजी के मस्तक पर सदा विराजमान रहता है, अतः चंद्र ग्रह जनित कोई भी कष्ट हो, तो रुद्राक्ष से दूर हो जाता है। किसी भी प्रकार की मानसिक... आगे पढ़े

उत्तराखंड के पंचप्रयागः इसलिए अलकनंदा और भागीरथी कहलाती हैं सास बहू

Updated on 11 June, 2018, 9:00
प्रयाग जहां दो नदियों का मिलन होता है। उत्तराखंड की पावन धरती पर पांच ऐसे ही स्थान हैं जिन्हें प्रयाग होने का गौरव प्राप्त है। कहते हैं जहां पर दो नदियों का मिलन होता है उस स्थान पर आध्यात्मिक उर्जा भरपूर होती है। इसलिए इन स्थानों पर ऋषि मुनि अपनी... आगे पढ़े

केवल इस वजह से हम ईश्वर को पहचान नहीं पाते

Updated on 11 June, 2018, 7:00
योगगुरु सुरक्षित गोस्वामी अवजानन्ति मां मूढा मानुषीं तनुमाश्रितम्। परं भावमजानन्तो मम भूतमहेश्वरम् || गीता 9/11। अर्थ: मेरे मनुष्य रूप में अवतरित होने पर लोग मुझे तुच्छ समझते हैं। दरअसल, वे मूढ़ होते हैं और मुझ परमेश्वर के दिव्य स्वभाव को नहीं जानते। व्याख्या: मजनू को किसी ने बोला कि लैला इतनी काली है, तू... आगे पढ़े

तीन साल बाद यह एकादशी, जानें महत्व और पूजा विधि

Updated on 10 June, 2018, 7:00
10 जून को परमा एकादशी है, अधिक मास या पुरुषोत्तम मास में पड़ने के कारण इस एकादशी का काफी धार्मिक महत्व है। इस दिन भक्तिपूर्वक सच्चे भाव से भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस एकादशी का सभी एकादशियों से खास महत्व है क्योंकि परमा एकादशी तीन साल में... आगे पढ़े

जानें, सांप की जीभ के दो डंकों का राज़

Updated on 9 June, 2018, 7:00
पूर्व काल में दक्ष प्रजापति की दो पुत्रियां कद्रू और विनता मुनिवर कश्यप की पत्नियां थीं। एक दिन खेल-खेल में कद्रू ने अपनी बहन से कहा, ‘‘विनते! सूर्य के रथ में जो उच्चै: श्रवा नामक घोड़ा है उसका रंग कैसा है? हम दोनों शर्त लगाकर इसका निर्णय करें, जो जिससे... आगे पढ़े

इस हिल स्टेशन पर निवास करते हैं सभी देवता, मलमास के दौरान

Updated on 8 June, 2018, 7:00
क्या आपको पता है कि मलमास के दौरान सभी देवी-देवता कहां निवास करते हैं? आश्चर्य मत करिए, क्योंकि धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, सभी देव शक्तियां मलमास के दौरान पृथ्वी पर ही निवास करती हैं। उनके निवास की पावन जगह है बिहार राज्य का राजगीर। इस बार 16 मई से शुरू... आगे पढ़े

किसके प्रेम में आकर नंद किशोर ने डाला ये वरदान

Updated on 8 June, 2018, 6:40
एक बार की बात है कि यशोदा मैया प्रभु श्री कृष्ण के उलाहनों से तंग आ गईं और छड़ी लेकर श्री कृष्ण की ओर दौड़ी। जब प्रभु ने अपनी मैया को क्रोध में देखा तो वह अपना बचाव करने के लिए भागने लगे।  भागते-भागते श्री कृष्ण एक कुम्हार के पास पहुंचे।... आगे पढ़े

यात्रा के साथ तीर्थ मसूरी गए और इनके दर्शन ना किए तो क्या देखा

Updated on 7 June, 2018, 7:00
पहाड़ो की रानी मसूरी, उत्तराखंड में प्रकृति की गोद में बसा हुआ एक खूबसूरत शहर है। मसूरी में एक ओर जहां विशाल हिमालय की चमचमाती पर्वत शृंखलाओं का सुंदर नजारा दिखता है, वहीं दूसरी ओर तीर्थयात्रा का मनोरम दृश्य। गर्मी के दिनों में तपती गर्मी से राहत पाने के लिए... आगे पढ़े

ये चार अक्षर बदल सकते हैं आपका भाग्य

Updated on 7 June, 2018, 6:40
वास्तु शास्त्र के अनुसार जिस घर में वास्तु दोष होता है, उस घर में हमेशा कोई न कोई परेशानी बनी रहती है। वास्तु विज्ञानियों की मानें तो इसके कारण घर में रहने वाले सदस्यों की सेहत, आय, आदि सब पर बहुत गहरा प्रभाव पड़ता है। जिसके कारण उनकी लाइफ में... आगे पढ़े

प्यार में दिल टूटा और बन गए महान संत

Updated on 6 June, 2018, 9:00
हम सभी जानते हैं तुलसीदासजी ने महर्षि वाल्मीकि जी की लिखित रामयण का प्रकरांतर से अवधी में भाषांतर किया था, जिसे समस्त उत्तर भारत में बड़े भक्तिभाव से पढ़ा जाता है। तुलसीदासजी अपनी पत्नी रत्नावली से बहुत प्रेम करते थे। एक बार इनकी पत्नी मायके गई हुई थीं तो तुलसीदास... आगे पढ़े

मृत्यु के समय बताया ये राज़, बनाएगा सरताज़

Updated on 6 June, 2018, 7:40
आज से कई सौ वर्ष पूर्व चीन के कन्फ्यूशियस नामक एक विख्यात महात्मा और दार्शनिक हुए हैं। वह बड़े ज्ञानी, विद्वान और अनुभवी विचारक थे। धर्म और ज्ञान की अनेक बातें वह इस प्रकार सहज भाव से समझा दिया करते थे कि किसी के मन में शंका के लिए गुंजाइश... आगे पढ़े

जानें तिलक का क्या है विष्णु भगवान से कनेक्शन

Updated on 6 June, 2018, 7:00
तिलक वास्तव में भारतीय संस्कृति का प्रतीक है। हर शुभ काम, पूजा आर यहां तक कि श्राद्ध कर्म से पहले भी माथे पर तिलक लगाया जाता रहा है। किसी भी मंदिर में जाने पर पुजारी दर्शनार्थियों के ललाट पर तिलक लगाते हैं। तिलक सदैव बैठकर ही लगाना चाहिए। पद्म पुराण में... आगे पढ़े

कड़ा, ब्रेसलेट या लॉकेट पहनें सोच समझकर, ये हो सकता हैं नुकसान

Updated on 5 June, 2018, 9:25
संसार में ऐसा कोई व्यक्ति नहीं जिसके जीवन में कोई समस्या न हों। हर व्यक्ति किसी न किसी परेशानी का सामना कर रहा हैं। सभी चाहते हैं कि उनके जीवन के सभी कष्टों का निवारण हो जाएं, इसके लिए प्रत्येक व्यक्ति प्रयास भी करता हैं। ज्योतिष शास्त्र (Astrology)  के अनुसार... आगे पढ़े

नीलकंठ के इस दास के प्रकोप से नहीं बच पाया था रावण

Updated on 5 June, 2018, 7:40
रावण एक बार कैलाश पहुंचा। द्वार पर नंदीश्वर को देखकर वह उनसे पराक्रम की डींग मारने लगा। नंदीश्वर ने कहा- ''भैया! तुम भी शिवलिंग के पूजक हो और मैं भी। अंतः हम दोनों समान हैं। पारक्रम तो हमारे अाराध्य का प्रसाद है। अभिमान पूर्वक क्यों डींग मारते हो?'' रावण- ''तुम मेरे... आगे पढ़े

यात्रा के साथ तीर्थः मनाली जा रहे हैं तो यहां जाना ना भूलें

Updated on 5 June, 2018, 7:00
गर्मी में हर दिन तापमान में लगातार बढ़ोतरी होती जा रही है, इससे लोगों की परेशानी बढ़ती जा रहा है। लगातार बढ़ती गर्मी से राहत पाने के लिए पहाड़ों की तरफ जाते हैं। मनाली, भारत के बहुत ही प्रसिद्ध घूमने के स्थानों में से एक है। यहां विदेशी लोग भी... आगे पढ़े

जानें क्या पसंद है आपके आराध्य को?

Updated on 4 June, 2018, 9:00
भारतीय पारंपरिक धार्मिक व्यवस्था में देवी-देवता मानवीय स्वरूप में स्वीकार्य हैं। चूंकि सगुण की उपासना करते हैं, इसलिए सगुण की हम मानवीय रूप में ही आराधना करते हैं। उनका जन्म होता है, विवाह होता है। परिवार होता है, निवास, वाहन, बच्चे, पसंद के फूल, फल.... मौसम, महीना... सब कुछ ठीक... आगे पढ़े

तो इस तरह हुई संपूर्ण ब्रह्माण्ड की रचना

Updated on 4 June, 2018, 7:00
मयाध्यक्षेण प्रकृति: सूयते सचराचरम् | हेतुनानेन कौन्तेय जगद्विपरिवर्तते || गीता 9/10|| अर्थ: हे अर्जुन ! मेरी अध्यक्षता में प्रकृति चराचर जगत को रचती है और इसी कारण संसार चक्र घूम रहा है। व्याख्या: उपनिषद में कहा है कि परमात्मा ने संकल्प किया कि ‘मैं एक हूं और अनेक रूपों में प्रकट हो जाऊं’... आगे पढ़े

शक्तिपीठ की अनोखी कहानीः सोने का पहाड़ और देवी का चमत्कार

Updated on 3 June, 2018, 7:00
पूर्णागिरि मंदिर, देवभूमि उत्तराखण्ड के टनकपुर में अन्नपूर्णा शिखर पर है। यह 108 सिद्ध पीठों में से एक है। यह स्थान महाकाली की पीठ माना जाता है। यहां पर माता सती की नाभि का भाग भगवान विष्णु के चक्र से कटकर गिरा था। इस शक्तिपीठ की अनोखी कहानी है, यहां... आगे पढ़े

इस मंदिर में हैं बिना सूंड के गणपति, राजा करते थे दूरबीन से दर्शन

Updated on 2 June, 2018, 8:20
जयपुर के प्राचीन मंदिरों में गढ़ गणेश मंदिर प्रमुख है। नाहरगढ़ की पहाड़ी पर स्थित इस मंदिर का निर्माण जयपुर के महाराजा सवाई जयसिंह प्रथम ने अश्वमेघ यज्ञ के आयोजन के साथ कराया था। इस मंदिर की विशेषता यहां स्थापित की गई गणेश भगवान की मूर्ति है। मंदिर में गणेशजी... आगे पढ़े

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