वायरल बुखार को हल्के में न लें, जानिए कितने दिन में होता है ठीक और कैसे करें बचाव
मौसम के लगातार बदलते मिजाज के साथ ही स्वास्थ्य पर इसका बुरा असर दिखने लगा है, और इन दिनों वायरल फीवर के मामलों में तेजी से उछाल आया है। बरसात और तापमान में होने वाले उतार-चढ़ाव के इस दौर में छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक कोई भी इसकी चपेट में आसानी से आ सकता है। आपको बता दें कि वायरल फीवर किसी एक विशेष वायरस की वजह से नहीं, बल्कि कई अलग-अलग तरह के वायरल संक्रमणों के मिलने-जुले प्रभाव से होता है। इसकी शुरुआत अमूमन तेज बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, गले में खराश, खांसी-जुकाम और अत्यधिक कमजोरी जैसे लक्षणों के साथ होती है।
वायरल फीवर आमतौर पर कितने दिन रहता है?
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सामान्य तौर पर एक साधारण वायरल बुखार का असर शरीर पर 3 से 7 दिनों तक बना रहता है।
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हालांकि, कई मामलों में बुखार पूरी तरह उतर जाने के बाद भी लोगों को 1 से 2 सप्ताह तक भारी कमजोरी और थकान महसूस होती रहती है।
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यदि बुखार 5 से 7 दिनों से अधिक समय तक लगातार बना रहे या बार-बार तेज होकर लौटे, तो बिना देर किए किसी योग्य चिकित्सक से जांच जरूर करवानी चाहिए।
वायरल फीवर के सामान्य लक्षण
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शरीर का तापमान तेजी से बढ़ना (तेज बुखार)
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हाथ-पैरों और मांसपेशियों में तेज दर्द रहना
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सिर में भारीपन और दर्द होना
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गले में खराश या चुभन महसूस होना
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सूखी या बलगम वाली खांसी और जुकाम
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शरीर में ऊर्जा की कमी और भारी थकान
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खाने की इच्छा बिल्कुल खत्म होना (भूख कम लगना)
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अचानक ठंड लगना या कंपकंपी छूटना
वायरल फीवर होने पर किन बातों का रखें ध्यान?
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पर्याप्त आराम: शरीर को अंदर से रिकवर करने के लिए पूरा आराम दें।
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हाइड्रेशन: दिनभर में भरपूर मात्रा में पानी, नारियल पानी, गर्म सूप और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।
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हल्का खानपान: पचने में आसान और पौष्टिक आहार लें, जैसे कि मूंग दाल की खिचड़ी, दलिया, उबली सब्जियां और ताजे फल।
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दवाइयों में सावधानी: डॉक्टर की सलाह के बिना कोई भी एंटीबायोटिक या तेज दवा न लें, केवल चिकित्सीय परामर्श के अनुसार ही दवा खाएं।
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निगरानी: समय-समय पर थर्मामीटर से शरीर के तापमान की जांच करते रहें।
वायरल फीवर से बचाव के आसान और प्रभावी तरीके
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अपने हाथों को बार-बार साबुन और पानी से अच्छी तरह साफ करें।
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भीड़भाड़ वाले सार्वजनिक स्थानों पर जाने से बचें और आवश्यकता पड़ने पर मास्क का उपयोग करें।
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किसी भी संक्रमित व्यक्ति के बहुत नजदीक जाने या उसके व्यक्तिगत सामान (तौलिया, बर्तन आदि) के इस्तेमाल से बचें।
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अपनी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) को मजबूत करने के लिए संतुलित आहार लें और पूरी नींद लें।
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अपने घर और आसपास साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखें ताकि मच्छर या अन्य कीड़े न पनप सकें।
किन परिस्थितियों में तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें?
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यदि बुखार 5 से 7 दिनों से ज्यादा लंबा खिंच जाए और उतरने का नाम न ले।
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सांस लेने में किसी भी प्रकार की कठिनाई या सीने में जकड़न महसूस हो।
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लगातार उल्टियां होना या शरीर में अत्यधिक कमजोरी छा जाना।
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मरीज को बेहोशी, मानसिक भ्रम या दौरे जैसे गंभीर लक्षण दिखाई दें।
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यदि घर के छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों (बुजुर्गों) या पहले से किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को तेज बुखार आ जाए।
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