महाकुंभ के बाद साधु-संन्यासी वापस लौटे, भगदड़ पीड़ितों के लिए संतों ने किया अनुष्ठान
अखाड़ों के महंत, साधु-संत और नागा संन्यासी पौष पूर्णिमा से बसंत पंचमी तक संगम तट पर रहे। ये सभी पहले शाही स्नान से लेकर तीसरे शाही स्नान तक वहाँ मौजूद थे। कई संत महाशिवरात्रि तक रुके रहे। इन्होंने प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी के प्रयासों की सराहना की। महाकुंभ की दिव्यता, भव्यता और नव्यता की संतों ने प्रशंसा की। महाशिवरात्रि के दौरान हुए हादसे में जान गंवाने वालों की आत्मा की शांति के लिए कुछ संत अनुष्ठान कर रहे हैं। रेती पर बालू का शिवलिंग बनाकर 24 घंटे तक यज्ञ किया जा रहा है।
संत विजय प्रकाश भारती जी महाराज ने कहा कि यह यज्ञ और रुद्राभिषेक भगवान शिव को और मां गंगा घाट पर पूरी रात्रि चलेगा। जन कल्याण और असमय काल के गाल में समाएं मृत श्रद्धालुओं की आत्मा की शांति के लिए हवन चलेगा। यह यज्ञ और अनुष्ठान असमय काल कवलित आत्माओं की शांति और जन कल्याण के लिए किया जा रहा है।
संजय सिंह का हमला—“राघव चड्ढा ने पंजाब की पीठ में घोंपा छुरा”
बार-बार भूख लगना भी फाइबर की कमी का इशारा
भंडारा में भीषण सड़क हादसा—शादी से लौट रही कार ट्रक से टकराई, 5 की मौत
CSK की बैटिंग ने आखिरी ओवरों में पलटा गेम
दिल्ली कैपिटल्स के सामने फॉर्म में चल रही पंजाब किंग्स की बड़ी चुनौती
राघव चड्ढा का बड़ा ऐलान—आम आदमी पार्टी में फूट, BJP जॉइन करने की कही बात
पीएम मोदी की बड़ी सौगात—MP को मिलेंगी 2 नई अमृत भारत ट्रेनें, कई शहरों को फायदा
करोड़ों में बिके खिलाड़ी, मैदान पर फ्लॉप साबित