मध्य प्रदेश हाईकोर्ट को मिले 11 नए जज, जल्द होगा शपथ ग्रहण
जबलपुर : मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में ग्यारह नए जजों की नियुक्ति की अधिसूचना केंद्रीय विधि विभाग द्वारा जारी कर दी गई है. नवनियुक्त हाईकोर्ट जजों में सात अधिवक्ता कोटे और चार न्यायिक कोटे के हैं. संभवत: नवनियुक्त न्यायाधीशों का बुधवार को शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा.
11 न्यायाधीश व अतिरिक्त न्यायाधीश में ये शामिल
केन्द्रीय कानून विभाग ने राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद सोमवार को 11 न्यायाधीशों की नियुक्ति आदेश की अधिसूचना जारी की है. अधिवक्ता कोटे से पुष्पेंद्र यादव जबलपुर, जय कुमार पिल्लई जबलपुर, आनंद सिंह बहरावत इंदौर, हिमांशु जोशी इंदौर, अजय कुमार निरंकारी ग्वालियर को न्यायाधीश नियुक्त किया गया है.
न्यायिक कोटे से रामकुमार चौबे, राजेश कुमार गुप्ता, आलोक अवस्थी, रत्नेश चंद्र सिंह बिसेन, भगवती प्रसाद शर्मा और प्रदीप मित्तल को अतिरिक्त न्यायाधीश नियुक्त किया गया है. संभवत: बुधवार को सभी नवनियुक्त न्यायाधीशों का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा.
11 न्यायाधीशों की नियुक्ति के बाद भी 9 पद हैं खाली
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में निर्धारित न्यायाधीशों की संख्या 53 है. वर्तमान में हाईकोर्ट में 34 न्यायाधीश नियुक्त हैं. नवनियुक्त जजों की नियुक्ति के बाद कुल न्यायाधीशों की संख्या 45 हो जाएगी. नवनियुक्त जजों की नियुक्ति के बाद भी मध्य प्रदेश हाईकोर्ट में न्यायाधीश के 9 पद रिक्त हैं.
पैरामेडिकल कॉलेज मामले में सुनवाई
वहीं, मप्र हाईकोर्ट में पैरामेडिकल काउंसिल की संज्ञान याचिका की सुनवाई के दौरान कॉलेज की मान्यता व निरीक्षण की रिपोर्ट पेश करने दो सप्ताह का समय प्रदान करने का आग्रह किया गया. हाईकोर्ट जस्टिस अतुल श्रीधरन व जस्टिस अनुराधा शुक्ला की युगलपीठ ने पैरामेडिकल काउंसिल को एक सप्ताह में डाटा पेश करने के निर्देश जारी किए हैं. युगलपीठ ने याचिका पर अगली सुनवाई 31 जुलाई को निर्धारित की है.
गौरतलब है कि लॉ स्टूडेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष विशाल बघेल की ओर से नर्सिंग के बाद पैरामेडिकल कॉलेजों में अनियमितता को लेकर जनहित याचिका दायर की गई है. याचिका की सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने आवेदन पेश करते हुए बताया था कि सीबीआई जांच में जो नर्सिंग कॉलेज अनसूटेबल पाये गए थे,उनमें पैरा मेडिकल कॉलेज भी संचालित हो रहे है.
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