मानसून में बीमारियों से बचना है? फॉलो करें ये 10 जरूरी हेल्थ टिप्स
बरसात के दिनों में मौसमी बुखार, सर्दी-खांसी, डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड और पेट के संक्रमण का खतरा काफी ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसे बदलते मौसम में बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक, हर किसी को अपनी सेहत के प्रति अतिरिक्त सावधानी बरतने की आवश्यकता होती है।इस मौसम में यदि हम अपने खान-पान, स्वच्छता और दैनिक दिनचर्या में कुछ छोटे लेकिन जरूरी सुधार कर लें, तो इन संक्रामक बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है। समय रहते सजग होना आपको और आपके पूरे परिवार को डॉक्टर के चक्कर लगाने से बचा सकता है।चिकित्सकों के अनुसार, मानसून के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, घर के भोजन को प्राथमिकता देना और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाए रखना सबसे ज्यादा जरूरी है। आइए जानते हैं कुछ ऐसे ही आसान हेल्थ टिप्स, जिनकी मदद से आप बारिश के इस सुहाने मौसम का आनंद बिना बीमार पड़े ले सकते हैं:
1. केवल स्वच्छ और उबला हुआ पानी ही पिएं
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बरसात के दिनों में पीने के पानी के स्रोत सबसे जल्दी दूषित होते हैं।
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जल जनित रोगों और पेट के इन्फेक्शन से बचने के लिए हमेशा पानी को अच्छी तरह उबालकर या वाटर प्यूरीफायर से फिल्टर करके ही इस्तेमाल करें।
2. खुले में बिकने वाले और कटे हुए खाद्य पदार्थों से दूरी बनाएं
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सड़क किनारे मिलने वाले चाट-पकौड़े, पहले से कटे हुए फल और बासी भोजन में बैक्टीरिया बहुत तेजी से पनपते हैं।
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संक्रमण से सुरक्षित रहने के लिए हमेशा घर पर बना हुआ ताजा और गर्मागर्म भोजन ही ग्रहण करें।
3. हाथों को बार-बार और अच्छी तरह धोएं
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बीमारियों को फैलाने में गंदे हाथों की बड़ी भूमिका होती है।
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कुछ भी खाने से पहले, बाहर से घर लौटने पर या टॉयलेट का उपयोग करने के बाद साबुन और साफ पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोने की आदत डालें।
4. मच्छरों को पनपने से रोकें और सुरक्षा उपाय अपनाएं
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कूलर, गमलों या पुराने बर्तनों में पानी इकट्ठा न होने दें, क्योंकि यह मच्छरों के पनपने की मुख्य जगह है।
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मच्छरदानी का प्रयोग करें, मॉस्किटो रिपेलेंट क्रीम लगाएं और बाहर निकलते समय पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें।
5. रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) बढ़ाने वाला आहार लें
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अपनी रोजमर्रा की थाली में दालें, ताजी सब्जियां और विटामिन-सी से भरपूर फल जैसे संतरा और आंवला शामिल करें।
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यह पौष्टिक आहार आपके शरीर की अंदरूनी शक्ति को बढ़ाएगा, जिससे शरीर वायरस से लड़ सकेगा।
6. भीगने के तुरंत बाद शरीर को सुखाएं और कपड़े बदलें
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यदि आप बारिश में भीग जाते हैं, तो ज्यादा देर तक गीले कपड़ों में न रहें।
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इससे शरीर का तापमान अचानक गिर सकता है, जिससे सर्दी-जुकाम और त्वचा पर फंगल इंफेक्शन का खतरा बढ़ जाता है। घर आते ही तुरंत खुद को सुखाकर साफ कपड़े पहनें।
7. घर के भीतर और आसपास की जगह सूखी रखें
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हवा में मौजूद नमी (उमस) के कारण बैक्टीरिया और फंगस तेजी से फैलते हैं।
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घर के कोनों को साफ और सूखा रखें तथा कूड़ेदान को हमेशा ढककर रखें ताकि कीड़े-मकौड़े न पनपें।
8. अच्छी नींद लें और हल्की शारीरिक कसरत करें
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शरीर को अंदर से रिचार्ज करने के लिए रोजाना 7 से 8 घंटे की गहरी नींद बेहद जरूरी है।
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इसके साथ ही घर के अंदर ही योग, स्ट्रेचिंग या हल्का व्यायाम करने से मेटाबॉलिज्म दुरुस्त रहता है।
9. गीले फुटवियर (जूते-मोजे) इस्तेमाल न करें
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पैरों की उंगलियों के बीच फंगल इंफेक्शन और बदबू से बचने के लिए गीले जूते या मोजे पहनने से बचें।
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धूप न होने पर जूतों को अच्छी तरह सुखा लें और केवल साफ व सूखे मोजों का ही प्रयोग करें।
10. लक्षण दिखने पर खुद डॉक्टर न बनें, सही परामर्श लें
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अगर आपको या परिवार में किसी को तेज बुखार, लगातार दस्त, उल्टी, कमजोरी या बदन दर्द की शिकायत हो, तो मेडिकल स्टोर से सीधे दवा लेकर खाने (सेल्फ-मेडिकेशन) की भूल न करें।
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फौरन नजदीकी योग्य डॉक्टर से संपर्क कर उचित जांच और इलाज कराएं।
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