Monday, 27 May 2019, 5:23 AM

ज्योतिष एवं वास्तु

त्यौहार: 17 सितंबर से 23 सितंबर 2017 तक

Updated on 18 September, 2017, 6:45
प्रस्तुत सप्ताह का प्रारंभ विक्रमी आश्विन प्रविष्टे 2, आश्विन कृष्ण तिथि द्वादशी, रविवार, विक्रमी सम्वत्, 2074, राष्ट्रीय शक सम्वत् 1939, दिनांक 26 (भाद्रपद) को होकर समाप्ति विक्रमी आश्विन प्रविष्टे 8, आश्विन शुक्ल तिथि तृतीया, शनिवार, को होगी। पर्व, दिवस तथा त्यौहार : 17 सितंबर प्रदोष व्रत, तिथि द्वादशी का श्राद्ध, संन्यासियों... आगे पढ़े

दीपक के ये फायदे जान, आप भी आज से शुरू कर देंगे इसे जलाना

Updated on 17 September, 2017, 7:20
सनातन धर्मी लोगों के घर में सुबह-शाम दीपक जलाया जाता है। बड़े-बुजुर्गों का कहना है की जिस घर में दिए जलाए जाते हैं, वहां कभी अंधकार नहीं होता और सुख-समृद्धि अपना बसेरा बना लेती हैं। उस घर के सदस्य जंजाल से उजाले की किरण की ओर सदा बढ़ते रहते हैं।... आगे पढ़े

इस समय आया सपना होता है सच, संकेतों से जानें भविष्य

Updated on 17 September, 2017, 7:10
हमारे प्राचीन ग्रंथों में स्वप्न विज्ञान को काफी महत्ता दी गई है। स्वप्न केवल मानसिक कल्पना नहीं अपितु परमात्मा की ओर से होने वाली घटनाओं के पूर्व संकेत हैं। प्राचीनकाल में रामायण में वर्णित है कि जब सीता जी श्रीराम के वियोग में अत्यंत दुखी थीं तब उनके निकट रहने... आगे पढ़े

भगवान विश्वकर्मा की देन हैं, मानव जाति को शिल्पकला विज्ञान के सभी चमत्कार

Updated on 17 September, 2017, 5:45
सृष्टि के आदिकाल, जो पाषाण युग कहलाता है, में आज का यह मानव समाज वनमानुष के रूप में वन-पर्वतों पर इधर से उधर उछल-कूद कर रहा था। मनुष्य की उस प्राकृतिक अवस्था में खाने के लिए कंदमूल, फल और पहनने को वलकल तथा निवास के लिए गुफाएं थीं। उस प्राकृतिक... आगे पढ़े

परेशानी भरे दिन आने वाले हैं, यूं करते हैं शनि बदकिस्मती की ओर इशारा

Updated on 16 September, 2017, 5:45
ज्योतिष के अनुसार बार-बार जूते-चप्पल चोरी होना या खो जाना भी कुछ इशारा करता है। इनके खोने पर आर्थिक हानि तो होती है साथ ही यह शनि दोष की संभावना को भी व्यक्त करता है। क्या आप जानते हैं कि हमारे शरीर में शनि का वास पैरों में होता है?... आगे पढ़े

इंदिरा एकादशी: इस विधि से करें व्रत, पितर होंगे प्रसन्न

Updated on 16 September, 2017, 5:30
आश्विन मास के कृष्ण पक्ष की इंदिरा एकादशी श्राद्घों में आती है, जिस का व्रत करने से मनुष्य के सात जन्मों के नीच योनि में पड़े पितरों का उद्घार हो जाता है, श्राद्घों में आने के कारण इसे श्राद्घ एकादशी भी कहते हैं। इस बार यह एकादशी 16 सितम्बर को... आगे पढ़े

सृष्टिकर्ता ब्रह्मा के एक सिर का विनाश कैसे हुआ जानने के लिए पढ़ें ये कथा

Updated on 15 September, 2017, 6:45
शिव पुराण के अनुसार सृष्टि के प्रारंभ में ब्रह्मा व विष्णु में श्रेष्टता को लेकर विवाद हो गया। दोनों स्वयं को सबसे बड़ा सिद्ध करना चाहते थे। दोनों में से कौन अधिक बड़ा है इस बात पर बहस छिड गई। विवाद का फैसला करने के लिए परमेश्वर को साक्षी बनाया... आगे पढ़े

इन वास्तु टिप्स से सजाएं अपनी Kitchen, घर में बनी रहेगी खुशहाली

Updated on 14 September, 2017, 18:21
रसोई हमारे घर का सबसे अहम हिस्सा होती है। यहां बना खाना हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थय को बनाए रखता है। ऐसे में किचन का सही दिशा में होना बहुत जरूरी है। कुछ लोग घर बनवाने में वास्तु का बहुत ध्यान रखते हैं लेकिन रसोई में ज्यादा ध्यान नहीं दे... आगे पढ़े

वीरभद्र मंदिर की गुत्थी दुनिया का कोई भी इंजीनियर आज तक सुलझा नहीं पाया

Updated on 14 September, 2017, 6:30
आंध्र प्रदेश के अनंतपुर जिले के एक छोटे से ऐतिहासिक गांव लेपाक्षी में 16वीं शताब्दी का वीरभद्र मंदिर है। इसे लेपाक्षी मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यह रहस्यमयी मंदिर है जिसकी गुत्थी दुनिया का कोई भी इंजीनियर आज तक सुलझा नहीं पाया। ब्रिटेन के एक इंजीनियर ने... आगे पढ़े

महाभारत: आज से शुरू करें इन बातों पर अमल करना, उम्र में होगी वृद्धि

Updated on 14 September, 2017, 6:20
जो जीव धरती पर आया है उसकी मृत्यु निश्चित है। कुछ लोगों के भाग्य में कम या अधिक आयु होती है लेकिन कई अपने कर्मों अौर व्यवहार से अपनी उम्र को घटा देते है। महाभारत में बताया गया है कि किन कामों से आयु कम होती है अौर कौन से... आगे पढ़े

13 को है पितृपक्ष का सबसे शुभ दिन: दरिद्रता का होगा नाश, महालक्ष्मी भरेंगी भंडार

Updated on 13 September, 2017, 6:30
शास्त्रों में पितृपक्ष के दौरान सभी शुभ कार्य वर्जित कहे गए हैं। पितृपक्ष की समयावधि में नई वस्तुओं को खरीदना, नए कपड़े पहनना विवाह, नामकरण, गृहप्रवेश आदि जैसे काम भी वर्जित माने गए हैं परंतु पितृपक्ष के इन दिनों में अश्विन कृष्णपक्ष की अष्टमी का दिन विशिष्ट रूप से शुभ... आगे पढ़े

पितर ताली बजा बजा कर नृत्य करते हुए अपने परिजनों को आशीर्वाद देते हैं

Updated on 12 September, 2017, 5:30
श्रीमद्भागवत कथा वह अमृत है, जिसके रस का पान करने से ही मनुष्य भवसागर के आवागमन चक्र से मुक्त हो जाता है तथा जिस भावना तथा कामना से कोई कथा का श्रवण करता है उसे फिर किसी वस्तु की कमी नहीं रहती। श्रीमद्भागवत कथा तो वह कल्पवृक्ष है, जिससे कुछ... आगे पढ़े

ब्रह्माण्ड का सबसे बड़ा ग्रह लाएगा देश-दुनिया में भ्रष्टता के चरम

Updated on 11 September, 2017, 14:15
फलित के दार्शनिक मतानुसार बृहस्पति धर्म, ज्ञान, राजनीति, धन, समृद्धि, पुत्र व शिक्षा पर अपना आधिपत्य रखते हैं। कुंडली में श्रेष्ठ गुरु व्यक्ति को कष्टों से बचाकर समाजिक प्रभाव देता है। बृहस्पति तकरीबन 13 माह के बाद अपनी राशि बदल रहे है। देवगुरु मंगलवार दी॰ 12.09.17 को प्रातः 07 घं॰... आगे पढ़े

घर में रखा तुलसी का पौधा फायदे की बजाय नुक्सान भी पहुंचा सकता है

Updated on 11 September, 2017, 7:45
वास्तुशास्त्र का जीवन में काफी महत्व है। घर में किस वस्तु को किस दिशा या स्थान पर रखना चाहिए इसकी जानकारी वास्तु-शास्त्र से मिलती है। मान्यता है कि वास्तु-शास्त्र के अनुसार अगर घर को सजाया जाए तो घर में खुशहाली आती है। कई बार हम घर का वातावरण अच्छा करने... आगे पढ़े

छठा श्राद्ध आज: श्राद्ध हेतु श्रेष्ठ हैं तीन मुहूर्त, जानें विधि

Updated on 11 September, 2017, 7:30
सोमवार दी॰ 11.09.17 आश्विन कृष्ण षष्ठी पर छठी का श्राद्ध मनाया जाएगा। मनुस्मृति में ऐसे लोग निंदित किए गए हैं जो अपने पितृगणों को भूल जाते हैं। शास्त्रनुसार सभी वर्णों व संप्रदायों में पितृयज्ञ करना अनिवार्य है। परंतु किसी कारण अगर श्राद्धकर्म छूट जाए तो उसके लिए गया श्राद्ध जैसे... आगे पढ़े

बालों में भी छुपे होते हैं किस्मत और पैसों के राज, जानिए कैसे

Updated on 10 September, 2017, 5:00
अगर आप जानना चाहते हैं कि आपकी किस्मत में पैसों का सुख कितना है या आपके पास भविष्य में पैसा रहेगा या नहीं, ये जानने का सबसे आसान तरीका है आपके बाल। बस आईने में एक बार गौर से देखें, आप खुद जान जाएंगे कि आपकी किस्मत में क्या लिखा... आगे पढ़े

पितृदोष होने पर भाग्यशाली होते हुए भी भाग्यहीन रहना पड़ता है, ये हैं संकेत

Updated on 10 September, 2017, 4:45
श्राद्ध का अर्थ है, पितृों के लिए उनकी आत्मा की तृप्ति के लिए श्रद्धापूर्वक किया गया दान। श्राद्धकर्म में होम, पिंडदान एवं तर्पण आदि सम्मिलित हैं। मृतात्मा की शांति के लिए जिन संस्कारों का विधान है, उन्हें श्राद्धकर्म कहा जाता है। मृत्यु के बाद दशरात्र और षोडशी-संपिंडन तक मृत व्यक्ति... आगे पढ़े

पितृ पक्ष में आर्थिक कष्ट से ऐसे मिल सकती है मुक्ति

Updated on 9 September, 2017, 14:00
सद्गुरु स्वामी आनंदजी (आध्यात्मिक गुरु एवं ज्योतिषीय चिंतक) टिप्स ऑफ द विक 1. बिल्व पत्रों की काले तिल मिले त्रिमधु (गो घृत, दुग्ध और मधु) से आहुति विचारों और कर्म में परिवर्तन के द्वारा आर्थिक कष्ट को नष्ट करने में सहायक होते हैं, ऐसा तंत्र और अग्निहोत्र के नियम कहते हैं। 2. किसी भी... आगे पढ़े

पितरों के आशीष पाने का अवसर श्राद्ध पक्ष

Updated on 9 September, 2017, 11:30
'श्रद्धया यत् कृतं तत् श्राद्धम। इसका मतलब है कि 'हमारे दिवंगत स्वजनों की तृप्ति और संतुष्टि के लिए श्राद्ध से किया कर्म ही श्राद्ध है।' पुराण आदि धर्मग्रंथों में बतलाया है कि मृत व्यक्ति की आत्मा अनंत काल तक प्रेतलोक में भटकती रहती है, किंतु जब उस मृत व्यक्ति के पुत्र-पौत्र उसका... आगे पढ़े

धर्मशास्त्रों से जानें श्राद्धों में क्यों नहीं किए जाते शुभ काम

Updated on 9 September, 2017, 11:00
हमारी संस्कृति में श्राद्ध का संबंध हमारे पूर्वजों की मृत्यु की तिथि से है। अतः श्राद्धपक्ष शुभ तथा नए कार्यों के प्रारंभ हेतु अशुभ काल माना गया है। जिस प्रकार हम अपने किसी परिजन की मृत्यु के बाद शोकाकुल अवधि में रहते हैं तथा शुभ, नियमित, मंगल, व्यावसायिक कार्यों को... आगे पढ़े

श्राद्ध पिंडदान का सर्वोत्तम स्थान है ये, पुत्र को आया देखकर पितर मनाते हैं उत्सव

Updated on 9 September, 2017, 0:45
‘गया’ ऐसा स्थान है जहां श्राद्ध का महाकुंभ नजर आता है। प्रत्येक वर्ष लाखों की तादाद में लोग यहां अपने मृत पूर्वजों का श्राद्ध-तर्पण आदि करने के लिए उपस्थित होते हैं। पुरातन प्रज्ञा का प्रदेश बिहार की राजधानी पटना से करीब 92 किलोमीटर दक्षिण पश्चिम अंत: सलिला फल्गु के पावन... आगे पढ़े

शनिवार: इस दिन को गवाए बिना करें ये चीजे, शनिदेव की कृपा बनाएगी राजा

Updated on 9 September, 2017, 0:30
नवग्रहों में शनि अत्यंत सुंदर एवं महत्वपूर्ण ग्रह है। यह मंद गति से 30 वर्ष में सूर्य का एक चक्कर पूरा करता है। शनि सूर्य से 88 करोड़ 60 लाख मील तथा पृथ्वी से 79 करोड़ 10 लाख मील दूर स्थित है। लोग इसे अनिष्टकारी ग्रह कहते हैं लेकिन यह अच्छे... आगे पढ़े

आज का गुडलक: बुद्धि और समृद्धि पाने का बना है शुभ संयोग

Updated on 8 September, 2017, 10:05
शुक्रवार दि॰ 08.09.17 आश्विन कृष्ण तृतीया पर तीज का श्राद्ध मनाया जाएगा। शास्त्र याज्ञ-वल्क्य-स्मृति के अनुसार मूलतः श्राद्ध होम, पिण्डदान व तर्पण से अधिक तार्किक है वास्तविकता में पितृगण साक्षात् वसु, रुद्र व आदित्य रूप में श्राद्ध के देवता हैं। मूलतः मनुष्य के तीन पूर्वज हैं पिता, पितामह व प्रपितामह;... आगे पढ़े

श्राद्ध पक्ष में करें ये प्रयोग, घर में हो रहे लड़ाई-झगड़े का होगा नाश

Updated on 8 September, 2017, 0:45
यदि आप गृह क्लेश से परेशान हैं, आए दिन घर में किसी न किसी बात को लेकर लड़ाई-झगड़ा हो जाता है, सदैव अशांति का माहौल बना रहता है तो आपको इस श्राद्ध पक्ष में अवश्य ही इस प्रयोग को सम्पन्न करना चाहिए। सामग्री : जलपात्र, घी का दीपक, लघु नारियल, अगरबत्ती... आगे पढ़े

घर के इस भाग में रहेगा उजाला, बने रहेंगे धनवान और सुखी

Updated on 8 September, 2017, 0:30
वास्तु एक ऐसा शास्त्र है, जिसका प्रभाव ग्रहों की ही भांति व्यक्ति के जीवन में उतार-चढ़ाव लेकर आता है। घर के किसी भी कोने में वास्तुदोष होने पर पूरे परिवार को शुभ और अशुभ परिणाम भुगतने पड़ते हैं। घर में दिशाओं का खास ख्याल रखें। शयनकक्ष में जहां तक संभव... आगे पढ़े

गुरुवार का गुडलक लगाएगा व्यापारिक घाटे पर अंकुश

Updated on 7 September, 2017, 14:45
गुरुवार दि॰ 7.09.17 को आश्विन कृष्ण द्वितीया को दूज पर द्वितया श्राद्ध मनाया जाएगा। द्वितया तिथि का विधिवत श्राद्ध करने से जाने-अनजाने में किए हुए पापों से मुक्ति मिलती है, व्यक्ति के अशांत मन को शांति मिलती है तथा व्यापार में निरंतर चल रहे घाटे पर अंकुश लगता है। श्राद्ध विधि:... आगे पढ़े

कालसर्प योग का सच, जानें क्यों डरते हैं लोग इस योग से

Updated on 7 September, 2017, 1:00
सचिन मल्होत्रा/ज्योतिषाचार्य जन्म कुंडली में राहु-केतु के मध्य में सभी ग्रहों के आ जाने को कुछ ज्योतिषी काल-सर्प योग की संज्ञा देते हैं, किन्तु वास्तविकता यह है कि कालसर्प योग का ज्योतिष के किसी प्रामाणिक शास्त्रीय ग्रन्थ में वर्णन है ही नहीं! बृहत् पराशर होरा-शास्त्र , बृहत् जातक , सारावली... आगे पढ़े

इस ऋण से मुक्ति के लिए हिंदू धर्म में निभाई जाती है श्राद्ध परंपरा

Updated on 7 September, 2017, 0:30
श्राद्ध पितृत्व के प्रति सच्ची श्रद्धा का प्रतीक हैं। सनातन धर्मानुसार प्रत्येक शुभ कार्य के आरंभ करने से पहले मां-बाप तथा पितृगण को प्रणाम करना हमारा धर्म है। क्योंकि हमारे पुरखों की वंश परंपरा के कारण ही हम आज जीवित हैं। सनातन धर्म के मतानुसार हमारे ऋषि-मुनियों ने हिंदू वर्ष... आगे पढ़े

आपके बच्चे के साथ भी है ऐसी समस्या, Wednesday को उसे पहनाएं ये चीज

Updated on 6 September, 2017, 0:45
क्या आपका बच्चा पढ़कर भूल जाता है? अधिक परिश्रम करने के बाद भी रिजल्ट ठीक नहीं आता या बच्चा पढऩे में होशियार तो है लेकिन उसका ध्यान पढ़ाई में नहीं लगता? यदि आपके बच्चे के साथ भी ऐसी कोई समस्या है तो घबराने की कोई जरुरत नहीं है क्योंकि गणेश... आगे पढ़े

बुध ग्रह की शुभता देती है अच्छी कमाई और उन्नति, जानें आप पर है कैसा प्रभाव

Updated on 6 September, 2017, 0:30
प्रत्येक व्यक्ति के जीवन में बुध का काफी महत्व है। बुध, बुद्धि का कारक है। सामाजिक जीवन में, पारिवारिक जीवन में, आध्यात्मिक जीवन में या किसी अन्य क्षेत्र में अच्छे बुध वाला व्यक्ति उत्तम निर्णय लेकर सदैव उचित कार्य करता है। जिस व्यक्ति का बुध अच्छा होता है, वह अपने... आगे पढ़े

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