मुख्य सचिव अमिताभ जैन को 3 महीने का एक्सटेंशन, कैबिनेट मीटिंग के दौरान दिल्ली से आए कॉल ने पलटी बाजी
राज्य निर्माण के बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार किसी मुख्य सचिव को तीन महीने का एक्सटेंशन दिया गया है। इसके बाद मुख्य सचिव अमिताभ जैन अब तीन महीने और अपने पद पर बने रहेंगे। बताया जाता है कि इस बात की जानकारी किसी को नहीं थी। यही वजह है कि सोमवार की सुबह मुख्य सचिव ने राज्यपाल रमेन डेका से मुलाकात भी की थी।
राज्य सरकार हमेशा बुधवार को कैबिनेट की बैठक बुलाती है। इस बार सोमवार को कैबिनेट की बैठक इसलिए बुलाई गई थी कि मुख्य सचिव को विदाई भी जा सकें। इसके साथ ही कैबिनेट में नए मुख्य सचिव के स्वागत की भी तैयारी थी। इसी बीच खबर आई कि केंद्र सरकार ने मुख्य सचिव जैन का कार्यकाल तीन महीने के लिए बढ़ा दिया गया है। जबकि मंत्रालय के कई सचिवों ने विदाई के लिए गुलदस्ते मंगा लिए थे और विदाई समारोह की पूरी तैयारी कर ली गई थी।
राज्यपाल ने दे दी थी विदाई
मुख्य सचिव जैन की जाना लगभग तय था। इस बात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सोमवार की सुबह राज्यपाल रमेन डेका ने राजभवन में मुख्य सचिव जैन ने सौजन्य भेंट की। साथ ही राज्यपाल ने मुख्य सचिव के सेवानिवृत्त होने पर उन्हें उज्ज्वल भविष्य और सुखमय जीवन के लिए शुभकामनाएं भी दी थी। इसके अलावा राज्यपाल ने मुख्य सचिव जैन को राजकीय गमछा और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया था।
एक फोन कॉल से बदला समीकरण
बताया जाता है कि कैबिनेट की बैठक में कई मंत्रियों ने मुख्य सचिव की विदाई के लिए पूरी तैयारी कर ली है। कैबिनेट की बैठक के अंत में मुख्यमंत्री भी संबोधित करने वाले थे। इस बीच कैबिनेट खत्म होने से पहले दिल्ली से एक फोन कॉल आ गया। इसमें बताया कि अमिताभ जैन को तीन महीने का एक्सटेंशन दिया जा रहा है।
इसके बाद कैबिनेट की पूरा माहौल बदल गया। बता दें कि इस बार केंद्र और राज्य की सहमति से मुख्य सचिव बनाने की तैयारी थी। यही वजह है कि राज्य सरकार ने अंतिम समय तक अपने पत्ते नहीं खोले थे। जबकि प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में सुब्रत साहू या मनोज पिंगुआ को मुख्य सचिव बनाए जाने की चर्चा थी।
राशिफल 26 जुलाई 2026: जानिए आज का दिन आपके लिए कैसा रहेगा
राहुल गांधी का बड़ा बयान: 'कॉकरोच आंदोलन' के बाद छात्रों पर हिंसा को लेकर सरकार पर निशाना
धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर शरद पवार का बड़ा दावा, बोले- 'PM से बातचीत के बाद बदला घटनाक्रम'
'फोन छूने पर बेरहमी से पीटते थे', नौकरी दिलाने के नाम पर युवकों के साथ हुआ खौफनाक खेल
जिस सरकार ने कहा- इस्तीफे नहीं होते, उसी में 12 साल में कई बड़े नेताओं ने छोड़ा पद
दमिश्क हाईवे पर मौत का सफर: बस दुर्घटना में 35 यात्रियों की दर्दनाक मौत