बाल गोपाल, बांसुरी वाले कान्हा या कोई और? घर में श्रीकृष्ण का कौन सा स्वरूप रखना है शुभ
आम तौर पर घर के मंदिर में भगवान शिव, माता दुर्गा, हनुमान जी और दूसरे देवी-देवताओं की प्रतिमा या तस्वीर देखने को मिल जाती है. इसी तरह भगवान श्रीकृष्ण की तस्वीर या मूर्ति भी ज्यादातर घरों में होती है. भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार श्रीकृष्ण के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा करते हैं. हालांकि भगवान श्रीकृष्ण के हर स्वरूप का अपना अलग महत्व बताया गया है. ऐसे में घर के मंदिर में श्रीकृष्ण के किस स्वरूप की प्रतिमा या तस्वीर रखनी चाहिए और उसकी पूजा किस तरह करनी चाहिए, इसे लेकर काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने जानकारी दी है.
श्रीकृष्ण के अलग-अलग स्वरूपों की होती है पूजा
काशी के ज्योतिषाचार्य पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि अलग-अलग संप्रदायों में भगवान श्रीकृष्ण के अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है. कई संप्रदायों में भगवान श्रीकृष्ण के किशोर स्वरूप की पूजा होती है. इस स्वरूप में प्रभु हाथ में बांसुरी लिए भक्तों को दर्शन देते हैं. कई तस्वीरों और प्रतिमाओं में इस स्वरूप के साथ भगवान श्रीकृष्ण गाय के साथ भी दिखाई देते हैं.
इसके अलावा भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप यानी बाल गोपाल की भी पूजा की जाती है. पंडित संजय उपाध्याय के अनुसार, घर में भगवान श्रीकृष्ण की प्रतिमा स्थापित करने की बात करें तो लड्डू गोपाल स्वरूप की पूजा को सबसे श्रेष्ठ माना गया है. सामान्य रूप से लोग इसी स्वरूप की पूजा कर सकते हैं.
बेटे की तरह करते हैं लड्डू गोपाल से व्यवहार
पंडित संजय उपाध्याय ने बताया कि घर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की स्थापना करने के बाद भक्त उनसे बच्चों की तरह व्यवहार करते हैं. इसी वजह से कई लोग लड्डू गोपाल को अपने घर के बच्चे की तरह मानते हैं और बाजार जाते समय उन्हें अपने साथ भी ले जाते हैं. पूजा-पाठ और भोग के समय भी भक्त उनकी जरूरतों और सेवा का ध्यान रखते हैं.
लड्डू गोपाल की रोज करें पूजा
उन्होंने बताया कि अगर घर में लड्डू गोपाल की स्थापना की जाती है तो उनकी रोज पूजा भी करनी चाहिए. पूजा के दौरान उन्हें दूध, गंगाजल और पंचामृत से स्नान कराया जाता है. इसके बाद उन्हें भोग लगाकर धूप, अगरबत्ती और दीप जलाकर पूजा करनी चाहिए. खास तौर पर जब घर में भगवान श्रीकृष्ण के बाल स्वरूप की स्थापना की जाए तो उन्हें माखन का भोग जरूर लगाएं. धार्मिक मान्यता के अनुसार, इस तरह श्रद्धा के साथ पूजा करने से भगवान श्रीकृष्ण की कृपा भक्तों पर बनी रहती है.
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