उदयपुर डुमरडीह को नगर पंचायत बनाने पर विवाद, ग्रामीणों ने प्रशासन के सामने रखी आपत्ति
अंबिकापुर | छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले के उदयपुर और डुमरडीह ग्राम पंचायतों को आपस में मिलाकर नया नगर पंचायत बनाने की प्रशासनिक कवायद का स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ा विरोध किया है। जिला प्रशासन द्वारा उदयपुर को नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने को लेकर बुलाई गई ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने एकजुट होकर इस प्रस्ताव के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया है।
ग्राम पंचायत स्वरूप को बरकरार रखने की मांग
ग्राम सभा की बैठक में उपस्थित ग्रामीणों ने एक स्वर में कहा कि उनके गाँवों को शहरी निकाय यानी नगर पंचायत बनाने के बजाय वर्तमान ग्राम पंचायत के रूप में ही यथावत रहने दिया जाए। ग्रामीणों का तर्क है कि ग्रामीण क्षेत्रों के लिए शासन द्वारा संचालित विभिन्न विकास योजनाओं और कल्याणकारी कार्यक्रमों का लाभ उन्हें सीधे तौर पर पंचायत के माध्यम से आसानी से मिलता रहता है। उनका मानना है कि स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्य कराने के लिए पंचायत व्यवस्था ही सबसे उपयुक्त है।
ग्रामीणों का तर्क और भविष्य की प्रशासनिक प्रक्रिया
ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जीवनशैली और आर्थिक जरूरतें शहरी क्षेत्रों से पूरी तरह भिन्न हैं। खेती-किसानी से जुड़े ग्रामीण परिवेश के लिए ग्राम पंचायत की व्यवस्था अधिक व्यावहारिक और उपयोगी है, और नगर पंचायत बनने से गाँव का मूल स्वरूप छिन्न-भिन्न हो जाएगा।
ग्राम सभा के दौरान ग्रामीणों ने अपनी तमाम आपत्तियाँ और असहमति लिखित व मौखिक रूप से वहाँ मौजूद अधिकारियों के समक्ष मजबूती से रखीं। अब ग्राम सभा में सामने आए इस व्यापक विरोध और आपत्तियों को प्रशासन द्वारा आगामी प्रशासनिक रिपोर्ट व प्रक्रिया में शामिल किया जाएगा, जिसके बाद ही इस प्रस्ताव पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।
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