पहली और आखिरी गड्डी असली, बीच में करोड़ों के नकली नोट; ऐसे हुआ बड़ा खुलासा
सहारनपुर | पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की करेंसी चेस्ट से हुए 17 करोड़ रुपये के बड़े गबन के मामले में जांच प्रक्रिया काफी तेज हो गई है। मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की विशेष टीम ने मौके पर पहुंचकर सघन जांच की। शुरुआती पड़ताल में 5 लाख रुपये के ऐसे बंडल बरामद हुए हैं, जिनमें 10 गड्डियों में से 8 गड्डियां फर्जी नोटों की थीं।
शातिराना अंदाज में असली नोटों के बीच छिपाए गए नकली नोट
आरोपियों ने हेराफेरी के लिए बेहद चालाकी से बंडलों में ऊपर और नीचे असली नोट की गड्डियां रखीं, जबकि बीच में जाली नोट भर दिए। जांच जैसे-जैसे आगे की रैक तक पहुंची, ऐसे कई और संदिग्ध बंडल बरामद किए गए। बैंक के आरोपी अधिकारियों के बैंक अकाउंट फ्रीज कर दिए गए हैं और पुलिस उनकी तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
साधारण कागज और स्याही से छापे गए फर्जी नोट
आरबीआई टीम द्वारा की गई जांच में यह बात सामने आई है कि करेंसी चेस्ट में रखे गए जाली नोटों की गुणवत्ता काफी खराब है; उन्हें बनाने में बेहद सामान्य कागज और स्याही का प्रयोग किया गया है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि इन फर्जी नोटों की छपाई कहां की गई थी।
जिले के सभी करेंसी चेस्ट की जांच के निर्देश
इस बड़े खुलासे के बाद मुख्यालय ने जिले के अन्य सभी करेंसी चेस्ट में चेकिंग के सख्त निर्देश जारी किए हैं। वर्तमान में सहारनपुर महानगर स्थित पीएनबी करेंसी चेस्ट से कैश का सारा लेन-देन रोक दिया गया है और इसे गंगोह शाखा पर स्थानांतरित कर दिया गया है।
18 दिनों तक चली गुप्त जांच, SIT गठित
बैंक प्रबंधन ने 18 दिनों तक गुप्त रूप से आंतरिक जांच की थी, जिसके बाद गबन की पुष्टि होने पर थाने में औपचारिक एफआईआर दर्ज कराई गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस प्रशासन द्वारा एसआईटी (SIT) का गठन कर दिया गया है, जो प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट वरिष्ठ अधिकारियों को सौंपेगी।
राष्ट्रीय पर्यटन मंच पर छत्तीसगढ़ की गूंज, देश-दुनिया के सामने खुली पर्यटन संभावनाओं की नई राह
सेवा संकल्प अभियान 2026: हुनर को मिल रही नई उड़ान’
पूरे क्षेत्र को स्वास्थ्य सेवाओं से कवर करें, शत-प्रतिशत टीकाकरण एवं गर्भवती महिलाओं का समय पर पंजीयन एवं एएनसी जांच सुनिश्चित हो: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
"हम सब बराबर, बराबर हमारे अधिकार" के ध्येय वाक्य को चरितार्थ कर रहा है मध्यप्रदेश मानवाधिकार आयोग : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
लगातार दो वर्ष देश में सर्वाधिक रिकवरी दर, यह किसानों की मेहनत का परिणाम है - उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
नशे के अवैध कारोबार के विरुद्ध कार्रवाई को मिशन के रूप में लेकर कार्य करें-उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा
केन बेतवा लिंक परियोजना के क्रियान्वयन से बुंदेलखंड क्षेत्र में आयेगी खुशहाली : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
प्रदेश की लाडली बहना लाभ लेने वाली नहीं, अब बन रही है लाभ कमाने वाली: मुख्यमंत्री डॉ यादव