घर की अव्यवस्था कर रही है परेशान? जानें स्की-स्लोप मेथड और तनाव कम करने का आसान तरीका
क्या घर की साफ-सफाई करते-करते आप थकान महसूस करने लगते हैं और कुछ ही समय में कमरा दोबारा बिखरा हुआ दिखाई देने लगता है? यदि हां, तो यह स्थिति हमेशा व्यक्तिगत आलस्य का परिणाम नहीं होती। कई बार अत्यधिक बिखराव मस्तिष्क पर इतना दबाव डाल देता है कि समझ ही नहीं आता कि शुरुआत किस स्थान से की जाए। यह स्थिति मानसिक रूप से 'कॉग्निटिव ओवरलोड' कहलाती है।
ऐसी परिस्थिति में 'स्की-स्लोप मेथड' एक प्रभावी समाधान सिद्ध हो सकता है। पर्वतीय ढलानों पर की जाने वाली जिग-जैग स्कीइंग से प्रेरित यह तकनीक पूरे कमरे को छोटे-छोटे खंडों में विभाजित कर क्रमबद्ध तरीके से व्यवस्थित करने पर बल देती है। इससे सफाई का कार्य सुगम प्रतीत होता है और गृह व्यवस्था के साथ-साथ मानसिक शांति भी प्राप्त होती है।
मानसिक तनाव का कारण बनता है बिखराव
रौनक और टीना के सुखी दांपत्य में घर की अव्यवस्था अक्सर तनाव का कारण बन जाती थी। अवकाश के दिन पूरा घर संवारने के बावजूद सप्ताह के अंत तक सब कुछ पुनः बिखर जाता था, जिससे दोनों मानसिक दबाव महसूस करते थे। उनके मनोवैज्ञानिक मित्र ने इस तनाव से मुक्ति के लिए 'स्की-स्लोप मेथड' अपनाने का परामर्श दिया।
मनोवैज्ञानिकों का मानना है कि बिखरा हुआ वातावरण हमेशा व्यक्ति के आलस्य को नहीं दर्शाता, बल्कि यह मानसिक थकान या कॉग्निटिव ओवरलोड का प्रतिरूप हो सकता है।
विभाजित कर आसान बनाएं निर्णय प्रक्रिया
अव्यवस्थित कमरे में रखी प्रत्येक वस्तु के विषय में निर्णय लेना पड़ता है—कि उसे कहाँ रखा जाए या हटा दिया जाए। यह निरंतर विचार प्रक्रिया मानसिक थकान को बढ़ाती है। 'स्की-स्लोप मेथड' में पूरे कमरे पर एक साथ ध्यान केंद्रित करने के स्थान पर एक छोटे से हिस्से को चुना जाता है। इससे एक समय में सीमित वस्तुओं पर ही ध्यान रहता है।
छोटी सफलताओं से बढ़ाएं अपना उत्साह
सम्पूर्ण कक्ष को एक साथ स्वच्छ करने का लक्ष्य दुष्कर प्रतीत हो सकता है। इसके स्थान पर शुरुआत केवल बिस्तर, अध्ययन मेज, अलमारी के एक रैक या कमरे के किसी एक कोने से करें। जब वह छोटा हिस्सा पूरी तरह व्यवस्थित हो जाता है, तो उसकी तुरंत दिखाई देने वाली प्रगति आत्मसंतोष प्रदान करती है और अगले चरण के लिए प्रेरित करती है।
एक समय में एक ही स्थान पर केंद्रित करें ध्यान
इस पद्धति का मूलभूत नियम यह है कि जिस हिस्से पर कार्य चल रहा हो, उसी पर ध्यान केंद्रित रखें और बाकी बिखराव की उपेक्षा करें। उदाहरण के लिए, अध्ययन मेज को व्यवस्थित करते समय पास की खुली अलमारी की चिंता छोड़ दें। पहले एक कार्य पूर्ण करें, फिर अगले पड़ाव पर बढ़ें।
'स्की-स्लोप मेथड' लागू करने के मुख्य चरण
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संपूर्ण कक्ष को छोटे-छोटे व्यावहारिक हिस्सों में वर्गीकृत करें।
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कार्य की शुरुआत सबसे आसान या छोटे हिस्से से करें।
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निर्धारित किए गए हिस्से पर ही अपना पूरा ध्यान लगाएं।
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अनावश्यक वस्तुओं को पृथक करें और आवश्यक सामान को उनके स्थान पर रखें।
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एक हिस्सा पूर्ण रूप से सुव्यवस्थित होने के उपरांत ही दूसरे हिस्से की ओर बढ़ें।
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स्वयं पर एक ही दिन में पूरा काम समाप्त करने का दबाव न बनाएं।
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प्रतिदिन कुछ मिनट इस प्रक्रिया को दें ताकि अव्यवस्था दोबारा न फैले।
स्वच्छ वातावरण से मिलता है मानसिक सुकून
कमरे का बिखराव केवल दृश्य रूप को ही नहीं बिगाड़ता, बल्कि निरंतर सामने रहने पर मानसिक दबाव भी उत्पन्न करता है। इसके विपरीत, एक सुव्यवस्थित स्थान एकाग्रता बढ़ाने में सहायक होता है। इसलिए अगली बार सफाई करते समय सब कुछ एक साथ करने के बजाय किसी एक छोटे क्षेत्र से शुरुआत करें।
विशेषज्ञ का दृष्टिकोण
मनोवैज्ञानिक डॉ. अंजुम मेहदी के अनुसार, 'स्की-स्लोप मेथड' का मुख्य उद्देश्य त्वरित कार्य की बाध्यता बनाना नहीं, बल्कि कार्य आरंभ करने की प्रक्रिया को सरल बनाना है। जब कोई विशाल लक्ष्य छोटे-छोटे चरणों में पूर्ण होता है, तो मस्तिष्क में उपलब्धि का अहसास होता है। इससे मानसिक तनाव घटता है और कार्यक्षमता में वृद्धि होती है।
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