सागर शराब कांड: तीन आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस रद्द, हथियार जमा करने के निर्देश
सागर। मध्य प्रदेश के सागर जिले के बंडा जहरीली शराब कांड में प्रशासन ने बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा पाल ने मुख्य आरोपियों और उनके परिजनों के शस्त्र लाइसेंस निरस्त करने के साथ ही दो मदिरा दुकानों के लाइसेंस भी तत्काल प्रभाव से रद्द कर दिए हैं।
तीन आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस रद्द, थाने में जमा करने के आदेश
पुलिस अधीक्षक के प्रतिवेदन और आपराधिक रिकॉर्ड के आधार पर जिला प्रशासन ने बंडा एवं बहेरिया थाना क्षेत्रों के तीन लाइसेंस निरस्त किए हैं। इसमें ततरवारा निवासी सोहन राजपूत (12 बोर), मुख्य आरोपी चंद्रभान सिंह राजपूत की पत्नी हेमलता राजपूत (एन.पी. बोर रायफल) तथा फरार आरोपी सिद्धार्थ कुशवाहा (12 बोर दो नाल और .315 बोर रायफल) शामिल हैं। नोटिस का जवाब न देने पर इन सभी के खिलाफ एकपक्षीय कार्रवाई करते हुए शस्त्र तत्काल संबंधित थानों में जमा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
दो शराब दुकानों के लाइसेंस निरस्त
आबकारी अधिनियम 1915 की धारा 31 (ख) के तहत कार्रवाई करते हुए जिला प्रशासन ने वर्ष 2026-27 के लिए स्वीकृत दो शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द कर दिए हैं। इसमें आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा का 'मगरधा मदिरा समूह' का कंपोजिट लाइसेंस और आरोपी यशवंत सिंह ठाकुर का 'बरेठी मदिरा दुकान' का लाइसेंस शामिल है।
कड़ा संदेश और कानूनी कार्रवाई जारी
थाना विनायका और थाना बंडा में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता और आबकारी अधिनियम के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। जिला मजिस्ट्रेट प्रतिभा पाल ने स्पष्ट किया कि लोक शांति, सुरक्षा और जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और अवैध कारोबार में शामिल तत्वों पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
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