वनडे क्रिकेट में रोहित शर्मा का अटूट 264 का विश्व कीर्तिमान
नई दिल्ली । वनडे क्रिकेट, जो कभी धैर्य और संभलकर खेलने वाला फॉर्मेट माना जाता था, अब बल्लेबाजों की आक्रामक शैली और चौके-छक्कों की आतिशबाजी से परिभाषित होता है। जब कोई बल्लेबाज क्रीज पर टिककर व्यक्तिगत रूप से 200 से अधिक रनों का आंकड़ा पार करता है, तो वह केवल स्कोरबोर्ड को नहीं बढ़ाता, बल्कि विपक्षी गेंदबाजों के हौसले पस्त कर देता है। इतिहास के ऐसे ही पांच सबसे बड़े व्यक्तिगत वनडे स्कोरों ने क्रिकेट जगत में खलबली मचा दी थी और कई रिकॉर्ड बनाए। इस सूची में सबसे पहला और अविश्वसनीय नाम भारत के हिटमैन रोहित शर्मा का आता है।
कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स में 13 नवंबर 2014 का दिन वनडे क्रिकेट के सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गया, जब श्रीलंका के खिलाफ रोहित शर्मा ने 173 गेंदों में रिकॉर्ड 264 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली। अपनी इस महापारी के दौरान उन्होंने 33 चौके और 9 गगनचुंबी छक्के जड़े। 152.60 के धमाकेदार स्ट्राइक रेट से आई इस पारी ने एक ऐसा विश्व रिकॉर्ड खड़ा कर दिया जिसे तोड़ पाना आज भी किसी भी बल्लेबाज के लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। रोहित के इस विशाल रिकॉर्ड के ठीक बाद न्यूजीलैंड के मार्टिन गप्टिल की उस आक्रामक पारी का जिक्र आता है, जो विश्व कप के सबसे बड़े मंच पर खेली गई थी। 21 मार्च 2015 को वेस्टइंडीज के खिलाफ वेलिंगटन में गप्टिल ने 163 गेंदों में नाबाद 237 रन बनाए, जिसमें 24 चौके और 11 लंबे छक्के शामिल थे। यह विश्व कप इतिहास की सबसे बड़ी व्यक्तिगत पारियों में से एक है। विश्व क्रिकेट में निडर और तूफानी बल्लेबाजी का दौर शुरू करने वाले भारत के पूर्व सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग भी इस दौड़ में पीछे नहीं रहे। 8 दिसंबर 2011 को इंदौर में वेस्टइंडीज के खिलाफ सहवाग ने सिर्फ 149 गेंदों का सामना करते हुए 219 रन ठोक दिए। अपनी इस पारी में उन्होंने 25 चौके और 7 छक्के लगाए और सचिन तेंदुलकर के बाद वनडे में दोहरा शतक लगाने वाले दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बने।
सहवाग के इस कारनामे
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