हाथरस कांड के बाद पहली बार सामने आया 'भोले बाबा'
हाथरस भगदड़ के बाद सूरज पाल उर्फ भोले बाबा उर्फ नारायण साकार विश्व हरि पहली बार मीडिया के सामने आया है। बाबा ने मीडिया के सामने बयान दिया है। उसने कहा है कि दो जुलाई की घटना से बहुत दुखी हूं। बाबा ने कहा कि भगवान हमें इस दर्द को सहने की शक्ति दे। सूरजपाल उर्फ 'भोले बाबा' ने कहा कि कृपया सरकार और प्रशासन पर भरोसा रखें। मुझे विश्वास है कि जिसने भी अराजकता फैलाई है, उसे बख्शा नहीं जाएगा बाबा ने कहा कि मैंने अपने वकील एपी सिंह के माध्यम से समिति के सदस्यों से अनुरोध किया है कि वे शोक संतप्त परिवारों और घायलों के साथ खड़े रहें और जीवन भर उनकी मदद करें। सूरजपाल ऊर्फ भोले बाबा ने कहा कि पीड़ितों की मदद करूंगा। मृतकों के परिजनों के हमेशा साथ हूं। सूरजपाल ने भगदड़ को साजिश बताया। इससे पहले, हाथरस में सत्संग के दौरान भगदड़ से हुई 121 मौतों के मामले में फरार मुख्य आरोपी देवप्रकाश मधुकर ने शुक्रवार की रात को दिल्ली में आत्मसमर्पण कर दिया। सुप्रीम कोर्ट के वकील एपी सिंह ने दावा किया कि मधुकर को रात दस बजे यूपी पुलिस के विशेष जांच दल को सौंप दिया है। हाथरस पुलिस मधुकर को यूपी के साथ राजस्थान व हरियाणा में तलाश करने का दावा कर रही थी। सरेंडर के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में दर्ज प्राथमिकी में मुख्य सेवादार मधुकर इकलौता नामजद आरोपी है। उस पर एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।
एक लाख के इनामी मधुकर गिरफ्तार
हाथरस के पुलिस अधीक्षक निपुण अग्रवाल ने बताया कि एक लाख के इनामी मधुकर की पुलिस टीम ने गिरफ्तारी कर ली है। यह गिरफ्तारी दिल्ली से राह चलते हुई है। अस्पताल से कोई गिरफ्तारी नहीं की गई है। वकील एपी सिंह ने कहा, मधुकर दिल्ली में इलाज करा रहा था। हम जांच में मदद करना चाहते हैं। सत्संग के लिए मधुकर ने ही प्रशासन से मंजूरी ली थी। कार्यक्रम का मुख्य आयोजनकर्ता भी वही था। उस पर गैर इरादतन हत्या, सबूत मिटाने समेत भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज है।
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