कनावटी जेल में सजायाफ्ता कैदी की मौत, प्रशासन पर उठे सवाल
नीमच। जिले की कनावटी उपजेल में एक 60 वर्षीय कैदी की मौत का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस घटना के बाद से ही जेल प्रशासन की व्यवस्थाओं और कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं। इस पूरी घटना में जेलर की चुप्पी भी संदेह के घेरे में है। जानकारी के अनुसार मृतक कैदी की पहचान गुरजिंदर सिंह (60 वर्ष) के रूप में हुई है, जो मूल रूप से हरियाणा के कैथल जिले का रहने वाला था। गुरजिंदर सिंह एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के एक मामले में दोषी करार दिए जाने के बाद कनावटी जेल में अपनी सजा काट रहा था। जेल सूत्रों के मुताबिक, बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे गुरजिंदर सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ने लगी। आनन-फानन में जेल प्रशासन द्वारा उसे नीमच के जिला अस्पताल ले जाया गया। हालांकि, तब तक बहुत देर हो चुकी थी और अस्पताल में जांच के बाद ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
परिजनों का इंतजार, मोर्चरी में रखवाया गया शव
घटना के बाद पुलिस और अस्पताल प्रशासन ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल की मोर्चरी (शवगृह) में सुरक्षित रखवा दिया है। इसके साथ ही हरियाणा स्थित उसके परिजनों को भी घटना की आधिकारिक सूचना दे दी गई है। परिजनों के नीमच पहुंचने के बाद ही पुलिस की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
जेलर ने साधी चुप्पी, सवालों के घेरे में जेल प्रशासन
इस पूरी घटना में जेल प्रशासन का रवैया भी सवालों के घेरे में है। कैदी की मौत के कारणों और जेल में उसकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर जब जेलर नारायण सिंह राणा से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। प्रशासन की इस चुप्पी से मामले में संदेह और बढ़ गया है। फिलहाल सभी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट आने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि कैदी की मौत किन परिस्थितियों में और किस वजह से हुई है। पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेकर अपनी प्रारंभिक कागजी कार्रवाई शुरू कर दी है।
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