फर्जीवाड़ा कर ठग ने 90 बेरोजगारों से वसूले लाखों, पुलिस जांच में जुटी
रायपुर: राजधानी में नौकरी का सपना दिखाकर 90 युवकों से लाखों की ठगी का मामला सामने आया है। पुणे की फ्लैश इलेक्ट्रानिक प्राइवेट लिमिटेड नाम की कथित कंपनी के एचआर शुभम ने उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए युवकों को 30 हजार रुपये महीने की नौकरी और रायपुर में ट्रेनिंग का झांसा दिया। इसके एवज में प्रत्येक युवक से 5-5 हजार रुपये जमा कराए और फिर फरार हो गया।
मौदहापारा थाना क्षेत्र के एक होटल में ठहरे सभी युवकों ने बताया कि आरोपी शुभम ने ट्रेनिंग की व्यवस्था के नाम पर कुल 4.5 लाख रुपये वसूले। पैसे लेने के बाद वह बहाने से होटल से निकला और वापस नहीं लौटा। जब युवकों ने फोन मिलाया तो मोबाइल भी बंद मिला। इसके बाद उन्हें धोखाधड़ी का एहसास हुआ। इसके बाद युवकों ने मोदहापारा थाने में शिकायत की है।
मायूस और लुटे हुए युवक
नौकरी की उम्मीद में रायपुर पहुंचे युवकों ने बताया कि किसी ने कर्ज लेकर तो किसी ने घर के गहने गिरवी रखकर यह रकम जुटाई थी। अब उनके पास घर लौटने का भी किराया नहीं बचा। सभी पीड़ित मौदहापारा थाने पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला गंभीर मानते हुए आरोपी एचआर शुभम की तलाश शुरू कर दी है।
आईटीआई प्रबंधन पर भी सवाल
इस धोखाधड़ी में कानपुर के उत्तम आईटीआई प्रबंधन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है। यहीं के प्लेसमेंट कैंप में कथित कंपनी ने छात्रों का चयन किया था। आईटीआई के इंस्ट्रक्टर अमित तिवारी छात्रों के साथ रायपुर पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि कंपनी के एचआर ने पहले ही ट्रेनिंग और रहने की व्यवस्था दिखाने से इनकार कर दिया था। बिना पृष्ठभूमि जांच किए लगभग 90 छात्रों को भेजना संस्थान की बड़ी लापरवाही मानी जा रही है।
पुलिस ने शुरू की जांच
फिलहाल, सभी पीड़ित युवक रायपुर में फंसे हुए हैं और स्थानीय पुलिस से मदद की गुहार लगा रहे हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी की तलाश तेज कर दी है।
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