भारत ने दुलहस्ती-2 जल विद्युत परियोजना को दी मंजूरी, पाकिस्तान तिलमिलाया
इस्लामाबाद। भारत ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान के साथ सिंधु जल समझौते को रद्द कर दिया था। अब भारत ने उसे एक और झटका दिया है। हाल ही में भारत ने चिनाब नदी पर दुलहस्ती-2 जल विद्युत परियोजना को मंजूरी दी है। अब भारत के इस फैसले से पाकिस्तान तिलमिला गया है। अब दुलहस्ती-2 प्रोजेक्ट के बाद से बौखला रहा है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तानी सांसद शेरी रहमान ने कहा है कि पानी को हथियार बनाना न तो समझदारी है और न ही ऐसे इलाके में मंजूर है, जो जलवायु परिवर्तन और पर्यावरण के दबाव के मामले में सबसे आगे है। इससे पहले से ही दुश्मनी और भरोसे के अभाव से जूझ रहे दोतरफा रिश्तों में तनाव और बढ़ेगा।
रिपोर्ट के मुताबिक एक्स पर शेरी रहमान ने लिखा- सिंधु जल समझौता का खुला उल्लंघन करते हुए, भारत ने अभी-अभी चिनाब नदी पर दुलहस्ती स्टेज-2 हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को मंजूरी दी है। उन्होंने आगे लिखा- आईडब्ल्यूटी को एकतरफा रद्द नहीं किया जा सकता है। जैसा कि हाल ही में यूएन के रिपोर्ट ने पुष्टि की है, आईडब्ल्यूटी के मुताबिक पाकिस्तान का इंडस, झेलम और चिनाब नदियों के पानी पर नियंत्रण है, जबकि रावी, ब्यास और सतलुज नदियां भारत के कंट्रोल में आती हैं।
बता दें भारत के पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने इस महीने की शुरुआत में जम्मू-कश्मीर के किश्तवाड़ में चिनाब नदी पर दुलहस्ती-2 जलविद्युत परियोजना को मंजूरी दी। इसकी लागत 3,200 करोड़ होगी। भारत सरकार ने दुलहस्ती-2 जलविद्युत परियोजना को मंजूरी देते हुए पाकिस्तान को संदेश दिया कि देश अपने हितों से कोई समझौता नहीं करेगा। भारत ने पहले भी सिंधु जल समझौता रद्द करते हुए कहा था कि पानी और खून साथ-साथ नहीं बह सकते हैं। चिनाब का पानी पाकिस्तान में खेती के लिए बेहद अहम है। चिनाब के पानी पर किसानों की निर्भरता है। ऐसे में अगर किसानों को यह पानी नहीं मिलेगा, तो इसका सीधा असर फसलों पर पड़ेगा और पाकिस्तान में जिस तरह के हालात हैं, उससे साफ है कि पड़ोसी देश के लिए मुश्किलें बढ़ जाएंगी।
शिरणी से लाई प्रतिमा, कोटा में बना भव्य साईं धाम, 50 साल पुरानी श्रद्धा की मिसाल
राशिफल: जानिए, कैसा रहेगा आपका आज का दिन (15 फ़रवरी 2026)
बुरहानपुर में होगी एग्रीकल्चर बेस्ड रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
बहनों को प्रशिक्षण, स्व-सहायता समूहों से जोड़ना और मेहनत की सही कीमत देना हमारी प्राथमिकता : मुख्यमंत्री डॉ. यादव
PM मोदी ने बताया क्यों रखा PMO का नाम ‘सेवा तीर्थ’, जानिए इसके पीछे की सोच
हाईवे की एयरस्ट्रिप पर उतरा नरेंद्र मोदी का विमान, ऐसा करने वाले पहले पीएम बने
बागेश्वर धाम में सजा विवाह मंडप, धीरेंद्र शास्त्री ने मोहन यादव को लगाई परंपरा की हल्दी