‘मंधाना को मिले कमान!’ दिग्गज का विवादित बयान, रोहित के हालात से जोड़कर चर्चा
नई दिल्ली: भारतीय महिला क्रिकेट टीम की ऐतिहासिक वर्ल्ड कप जीत के बाद, अब टीम की कप्तानी को लेकर नई बहस शुरू हो गई है। भारत की पूर्व कप्तान शांता रंगास्वामी ने कहा है कि हरमनप्रीत कौर को अब कप्तानी की जिम्मेदारी स्मृति मंधाना को सौंप देनी चाहिए। उनका मानना है कि टीम के दीर्घकालिक भविष्य के लिए यह बदलाव जरूरी है।
रंगास्वामी का कहना है कि कप्तानी का बोझ हटने के बाद हरमन अपने बल्ले और फील्डिंग के दम पर टीम के लिए और भी ज्यादा योगदान दे सकती हैं। उन्होंने कहा कि भारत को आने वाले वर्ल्ड कप्स की तैयारी अभी से शुरू करनी होगी और मंधाना को सभी प्रारूपों में कप्तान बनाना सही दिशा में कदम होगा।
अगर ऐसा होता है तो हरमनप्रीत का रोहित शर्मा जैसा हश्र होगा। रोहित ने 2023 में भारत को वनडे विश्व कप के फाइनल में पहुंचाया था, जबकि इसी साल चैंपियंस ट्रॉफी में जीत दिलाई थी, लेकिन अचानक उन्हें कप्तानी से हटाकर शुभमन गिल को जिम्मेदारी सौंप दी गई। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया दौरे पर रोहित बतौर बल्लेबाज खेले थे।
'यह फैसला देर से ही सही, पर अब जरूरी है'
रंगास्वामी ने पीटीआई से बातचीत में कहा, 'यह फैसला अब काफी देर से होना चाहिए था। हरमन एक शानदार बल्लेबाज और बेहतरीन फील्डर हैं, इसमें कोई शक नहीं। लेकिन रणनीतिक तौर पर वे कभी-कभी लड़खड़ा जाती हैं। मुझे लगता है कि अगर कप्तानी का बोझ उनके कंधों से हटा दिया जाए, तो वे और बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं।'
उन्होंने कहा, 'जब कोई बदलाव जीत के तुरंत बाद होता है, तो वह निर्णय सभी को अच्छा नहीं लगता। लेकिन भारतीय क्रिकेट के भविष्य और हरमनप्रीत के अपने हित में यही सही समय है। उनके पास अभी तीन-चार साल का बेहतरीन क्रिकेट बचा है। कप्तानी छोड़ने से उन्हें अपनी बल्लेबाजी पर और फोकस करने का मौका मिलेगा। वहीं स्मृति मंधाना को सभी फॉर्मेट्स की कप्तानी देनी चाहिए ताकि आने वाले वर्ल्ड कप्स की तैयारी हो सके।'
शांता ने रोहित का दिया उदाहरण
रंगास्वामी ने इस संदर्भ में पुरुष टीम के कप्तान रोहित शर्मा का उदाहरण भी दिया। उन्होंने कहा कि चयनकर्ताओं ने टीम के भविष्य को ध्यान में रखते हुए, चैंपियंस ट्रॉफी जिताने के बाद भी रोहित से आगे बढ़ने का फैसला किया था। उन्होंने कहा, 'रोहित के मामले में भी चयनकर्ताओं ने यही किया। उन्होंने सफलता के बावजूद टीम के भविष्य को देखते हुए बदलाव किए। महिला टीम के लिए भी अब वही समय है।'
'गेंदबाजी और फील्डिंग चिंता का विषय'
हालांकि रंगास्वामी टीम की वर्ल्ड कप जीत से बेहद खुश दिखीं, लेकिन उन्होंने टीम की कमजोरियों की ओर भी इशारा किया। उन्होंने कहा, 'हमारे समय में बल्लेबाजी कमजोर कड़ी होती थी, लेकिन अब बल्लेबाजी मजबूत नजर आती है। हालांकि गेंदबाजी चिंता का विषय है और फील्डिंग में भी सुधार की जरूरत है।' उन्होंने कहा, 'ऑस्ट्रेलिया इसलिए हारा क्योंकि उनकी गेंदबाजी कमजोर थी। पाकिस्तान और बांग्लादेश की गेंदबाजी उनसे बेहतर थी। हमारे बल्लेबाजों ने बेहतरीन काम किया और वही जीत की सबसे बड़ी वजह रहे।'
क्या मंधाना बनेंगी नई कप्तान?
हरमनप्रीत कौर ने भारत को पहली वनडे वर्ल्ड कप ट्रॉफी दिलाई और यह जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज हो गई। लेकिन अब सवाल यह है कि क्या टीम इंडिया की कप्तानी का अगला अध्याय स्मृति मंधाना के नाम लिखा जाएगा? समय इस बात का जवाब देगा, लेकिन दिग्गजों का मानना है कि भारतीय महिला क्रिकेट को अब नई दिशा और नई सोच की जरूरत है और शायद उसकी शुरुआत मंधाना से ही हो सकती है।
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