प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार पर संविधान को कमजोर करने का आरोप लगाया
वायनाड। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने केंद्र सरकार की आलोचना करते हुए आरोप लगाया कि इतिहास में पहली बार कोई सरकार देश के संविधान और लोकतंत्र दोनों को कमजोर करने के प्रयास कर रही है।
एरनाड विधानसभा क्षेत्र में पार्टी के बूथ स्तर के नेताओं को संबोधित करते हुए वायनाड की सांसद प्रियंका ने कहा, “यह शायद हमारे देश के इतिहास में पहली ऐसी सरकार है जो संविधान और लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयास कर रही है।” उन्होंने कहा, “आपको यह समझना चाहिए कि आज हम जो लड़ाई लड़ रहे हैं, वह सिर्फ हमारी अपनी राजनीति और विचारधारा की लड़ाई नहीं है, बल्कि भारत ने जो कुछ भी हासिल किया है उसे बचाने की लड़ाई है।”
वायनाड की अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दूसरे दिन, प्रियंका ने मानव-पशु संघर्ष के मुद्दे पर बात करते हुए कहा कि वह केंद्र और राज्य सरकार को, अधिक धन आवंटित करने के लिए पत्र लिखेंगी क्योंकि प्रभावी सुरक्षा उपायों के लिए पर्याप्त धन की आवश्यकता है।
बैठक के बाद मानव-पशु संघर्ष के मुद्दे पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि वह इस मुद्दे को एक बार पहले भी उठा चुकी हैं और आगे भी उठाती रहेंगी। उन्होंने कहा, “यह ऐसा मुद्दा है जिस पर हमें गौर करने की जरूरत है, यह एक जटिल मुद्दा है क्योंकि इसका कोई आसान समाधान नहीं है। निश्चित रूप से, मैं जितना संभव होगा उतना दबाव डालूंगी।”
प्रियंका ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारों दोनों से धन प्राप्त करने में कठिनाई हो रही है। उन्होंने कहा, “मैं इस मुद्दे को उठाऊंगी और सुनिश्चित करूंगी कि इसका समाधान निकाला जाए।” उन्होंने कहा कि बेहतर निगरानी, बेहतर सुरक्षा उपायों वन रक्षकों, चौकीदारों तथा इसमें शामिल अन्य लोगों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए धन में वृद्धि जरूरी है।
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